
बागपत।उत्तर प्रदेश के बागपत में नाशपाती की बागवानी करने वाले किसानों के लिए बागवानी के विशेषज्ञों और कृषि वैज्ञानिकों ने सलाह दिया है। इस समय नाशपाती में कीट का प्रभाव बहुत अधिक होता है और अगर आप ऐसे में नाशपाती की बागवानी को सुरक्षित कर लेते हैं, तो आप एक अच्छा मुनाफा कमाते हैं और किसान फिलहाल 15 दिन तक इस फसल की देख-रेख करें और अच्छा मुनाफा कमाएं। इसको लेकर कृषि वैज्ञानिक ने विशेष सुझाव दिए हैं। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अनंत कुमार ने नाशपाती की फसल को लेकर महत्वपूर्ण सलाह दी है। डॉ. अनंत कुमार के अनुसार, जब नाशपाती के फल मटर के दाने के आकार का हो जाए, तब यह अवस्था फसल के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस समय पौधों को संतुलित पोषण और उचित देखभाल की आवश्यकता होती है।
सूक्ष्म पोषक तत्वों का छिड़काव जरूरी
नाशपाती के बागवानी में सूक्ष्म पोषक तत्वों का छिड़काव करना बेहद जरुरी है। जिससे फल का आकार, रंग और गुणवत्ता बेहतर होती है। वैज्ञानिकों ने बागवानों को बताया है कि इस समय बाग में सिंचाई का विशेष ध्यान रखें। अधिक या कम पानी दोनों ही स्थिति में फसल को नुकसान हो सकता है।
करें छिड़काव
वैज्ञानिकों ने कहा कि कीट और रोग नियंत्रण के लिए नियमित निरीक्षण जरूरी है। यदि किसी प्रकार का संक्रमण दिखाई दे, तो तुरंत उचित दवा का छिड़काव करें। डॉ. कुमार ने यह भी कहा कि इस अवस्था में अनावश्यक फल को हटाना यानी थिनिंग करना भी लाभकारी होता है।
सही से करें देखभाल
किसानों को सलाह दी गई है कि वे कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में ही दवाओं और उर्वरकों का उपयोग करें, ताकि फसल सुरक्षित रहे और उत्पादन बेहतर हो। सही समय पर की गई देखभाल नाशपाती की फसल को अधिक लाभदायक बना सकती है।