
रांची।बागवानी की बढ़ावा देने के लिए मनरेगा जैसी योजनाओं के तहत बागवानी को बढ़ावा मिलने से किसानों के लिए आम की खेती एक लाभकारी विकल्प बनकर उभर रही है। पारंपरिक खेती की तुलना में आम की बागवानी न केवल दीर्घकालिक आय का स्रोत है, बल्कि इसमें एक बार निवेश कर कई वर्षों तक लगातार मुनाफा कमाया जा सकता है। झारखंड जैसे राज्यों में अनुकूल जलवायु और उपजाऊ मिट्टी के कारण आम का उत्पादन बेहतर होता है।
बाग में 350 से अधिक आम के पेड़
प्रगतिशील किसान तारकेश्वर सिंह चेरो इस दिशा में एक मिसाल बनकर सामने आए हैं। उन्होंने वर्ष 2011 में अपने खेत में आम के पौधे लगाए थे और 2016-17 से उन्हें उत्पादन मिलने लगा। आज उनके बाग में 350 से अधिक आम के पेड़ हैं, जिनमें इस समय मंजर और बौर आ चुके हैं। इस साल वे लगभग 15 से 20 लाख रुपये तक की आमदनी की उम्मीद कर रहे हैं।
एक एकड़ में 12 लाख की बागवानी
एक एकड़ जमीन पर आम की बागवानी से 10 से 12 लाख रुपये तक का मुनाफा संभव है। हालांकि शुरुआती वर्षों में इसमें धैर्य और देखभाल की जरूरत होती है, लेकिन एक बार पेड़ तैयार हो जाने के बाद लंबे समय तक लगातार लाभ मिलता रहता है।