नई दिल्ली।केंद्र सरकार ने खेती के ताजा आंकड़ों के साथ अपनी सफलता के बारे जानकारी दी है, जिसमें साफ जाहिर है कि सरकार का मानना है कि उनकी कोशिशों और सही मंसूबों की बदौलत आज देश में अनाज के मुकाबले फल-सब्जियों की पैदावार कहीं ज्यादा हो गई है> साल 2024-25 के आंकड़े गवाह हैं कि भारत ने 35.77 करोड़ लाख टन अनाज पैदा करके एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। दिलचस्प बात यह है कि अब देश के किसान सिर्फ पारंपरिक फसलों तक सीमित नहीं हैं, अब बागवानी का उत्पादन भी 36.20 करोड टन तक पहुंच गया है।
बागवानी को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का कहना है किसी भी क्षेत्र की तरक्की के लिए निवेश की जरूरत होती है, और सरकार ने कृषि बजट में भारी इजाफा करके अपनी नीयत साफ कर दी है। साल 2013-14 में जहां कृषि विभाग का बजट महज 21,933 करोड़ रुपये था, वहीं 2026-27 के लिए इसे बढ़ाकर 1.30 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। बजट में खास तौर पर तटीय इलाकों के लिए नारियल और काजू, उत्तर-पूर्व के लिए अगर के पेड़ और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अखरोट और बादाम जैसी कीमती फसलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।