
शिमला।केंद्र सरकार सेब के मसले पर जो चर्चा कर रही है उसमें सेब राज्यों हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड को अपनी बात कहने का मौका नहीं दिया जा रहा है। इसे लेकर पक्ष और विपक्ष को एक जुट होकर विधानसभा से संकल्प पारित कर केंद्र सरकार को भेजना चाहिए कि सेब आयात को लेकर जो भी फैसला हो उसमें प्रदेश को शामिल किया जाए। ठियोग से विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने इस विषय पर अपनी विचार रखा।
हिमाचल में जहां अधिकांश सेब के बगीचे
अमेरिका के दबाव में आकर केंद्र सरकार हिमाचल की आर्थिकी को बरबाद करने पर तुली है। ट्रंप के दबाव में केंद्र सरकार फैसले ले रही है जो सही नहीं है। सेब उत्पादन को लेकर हिमाचल की तुलना अमेरिका के वाशिंगटन से नहीं हो सकती। हिमाचल में जहां अधिकांश सेब के बगीचे एक से दो एकड़ में लगे हैं वहीं अमेरिका में औसत बगीचे 100 एकड़ में लगे हैं।
हिमाचल में 2 लाख परिवार सेब की बागवानी से जुड़े
ठियोग से विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि हिमाचल के 2 लाख परिवार सेब बागवानी से जुड़े हैं। हिमाचल की आर्थिकी पूरी तरह सेब पर निर्भर है। अमेरिका के साथ चल रही ट्रेड डील को लेकर जो सूचनाएं मिल रही हैं उनमें वाशिंगटन सेब पर आयात शुल्क शून्य करने की तैयारी की चर्चा चल रही है।