नई दिल्ली।अगर आप ड्रैगन फ्रूट की बागवानी कर रहे है, और इससे बेहतर कमाई करना चाहते है तो आपको कई सारे ध्यान रखना होगा। ड्रैगन फ्रूट की बागवानी किसानों की कमाई का जरिया बन सकता है। कम पानी में होने वाली यह फसल बाजार में अच्छे दाम देती है। NHRDF के संयुक्त निदेशक डॉ. रजनीश मिश्रा के अनुसार, फंगस से डरने की जरूरत नहीं है, बस सही समय पर पहचान और इलाज जरूरी है।
ड्रैगन फ्रूट की पेड़ में फंगस का रहता है खतरा
ड्रैगन फ्रूट की बागवानी करते है तो आपको सबसे पहले इस बात का ध्यान रखना होगा की कब इसका खतरा रहता है। फरवरी-मार्च में जब ठंड कम होकर गर्मी शुरू होती है, तब पहला हमला देखने को मिलता है। इसके बाद जून की तेज गर्मी और फिर अक्टूबर-नवंबर में बारिश के बाद फंगस दोबारा सक्रिय हो सकता है।
फंगस के लक्षण की पहचान कैसे करें
फंगस लगने पर पौधे की शाखा पर काले और भूरे धब्बे दिखने लगते है। कुछ जगह नरम होकर सड़न भी शुरू हो सकती है। धीरे-धीरे यह धब्बे फैलने लगते हैं और पूरा पौधा कमजोर हो जाता है। समय से देखभाल नहीं किया जाए तो पौधे सुख जाएंगे।
बचाव के आसान उपाय
फंगस लगने के कुछ देर बाद ही पौधा अपने आप संभल सकता है। लेकिन अगर फंगस ज्यादा फैल रहा है तो फंगीसाइड का छिड़काव करना जरूरी है।
फंगीसाइड पाउडर को पानी में घोलकर स्प्रे करें।
संक्रमित हिस्से को साफ चाकू या कटर से काटकर हटा दें।
कटे हुए हिस्से को खेत से दूर फेंकें ताकि बीमारी न फैले।