सीएम ने कहा कि केवल पर्यटन नहीं कृषि और बागवानी भी है जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीढ़

    06-Mar-2026
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श्रीनगर।जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह गलतफहमी है कि जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था सिर्फ पर्यटन से चलती है। हमारे सकल राज्य घरेलू उत्पादन में पर्यटन के साथ-साथ खेती और बागवानी का भी उतना ही योगदान है। ये बाते सीएम उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय जम्मू में इन्क्यूबेशन व स्टार्टअप कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। सीएम ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में नए स्टार्टअप को बढ़ावा देना, युवाओं को नवाचार व उद्यमिता के लिए प्रेरित करना है। साथ ही किसानों और उद्यमियों को आधुनिक तकनीक और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।उन्होंने कहा कि कई देशों ने ग्रामीण उद्यमिता और मूल्य संवर्धन में निवेश किया है।

जम्मू-कश्मीर में होती है सेब की बागवानी

जम्मू-कश्मीर भारत में सेब का सबसे बड़ा उत्पादक है, जहाँ की ठंडी जलवायु, मिट्टी और बागवानी के लिए उपयुक्त परिस्थितियाँ इसे उत्तम बनाती हैं। मुख्य रूप से सोपोर, श्रीनगर, पुलवामा और बडगाम में खेती होती है। यहाँ की अर्थव्यवस्था में सेब का अहम योगदान है।