शिमला।शिमला रोहतांग, बारालाच, शिंकुला में हिमपात होने से अटल टनल के दोनों छोर पर करीब तीन इंच हिमपात हुआ। जिसके कारण अटल टनल रोहतांग बंद कर दी गई है। ये हिमपात बागवानी फसलों के लिए कृषि और बागवानी के लिए संजीवनी का कार्य करेंगे। ये गुठलीदार फलों प्लम, खुबानी, सेब सहित अन्य के लिए लाभदायक बताई जा रही है। ताजा हिमपात, वर्षा और आंधी के कारण ठंड बढ़ गई है और दिन के तापमान में 9 डिग्री तक की गिरावट आई है।
कांगड़ा में सबसे अधिक वर्षा
हिमाचल प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा कांगड़ा में 19, चंबा के जोत में 16 मिलीमीटर हुई। ताबो में 39 और सेऊबाग में 37 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से तेज हवाएं चलीं। प्रदेश में दिन के तापमान में सबसे अधिक गिरावट सोलन में 9.2, कल्पा में 8.3, शिमला, भुंतर और मनाली में करीब पांच डिग्री की गिरावट आई है।
आवश्यक चिलिंग आवर्स होगा पुरा
बता दें कि हिमाचल प्रदेश में हिमपात बागवानी, विशेषकर सेब की फसल के लिए एक संजीवनी के समान है, जो सूखे की स्थिति के बाद नमी प्रदान करता है और आवश्यक चिलिंग आवर्स को पूरा करता है। यह बर्फबारी सेब के पौधों को रोगमुक्त रखने, फलों की गुणवत्ता बढ़ाने और मिट्टी की नमी बनाए रखने के साथ-साथ आने वाली फसल को 30% तक नुकसान से बचाती है।