Banas Dairy Potato Farming : डेयरी के बाद अब खेती में बड़ा दांव! बनास डेयरी तैयार करेगी हाईटेक आलू बीज

    11-May-2026
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Banas Dairy Potato Farming :
बनास डेयरी अब डेयरी सेक्टर से आगे बढ़ते हुए खेती के क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठा रही है। देश में किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से संस्था ने वैज्ञानिक तकनीकों के जरिए उच्च गुणवत्ता वाले आलू बीज तैयार करने की पहल शुरू की है। इस पूरी प्रक्रिया में टिश्यू कल्चर और एरोपॉनिक जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

दूध उत्पादन में अपनी मजबूत पहचान बना चुकी बनास डेयरी द्वारा आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के जरिए उच्च गुणवत्ता वाले आलू बीज तैयार करने की ये पहल किसानों के लिए नई उम्मीद बन सकती है। भारत बनास डेयरी के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराना, उत्पादन बढ़ाना और खेती की लागत कम करना है। इससे किसानों को अधिक पैदावार मिलने के साथ उनकी आमदनी में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।

परंपरागत खेती में कई बार खराब बीजों के कारण किसानों को कम उत्पादन मिलता है. बीमारियों और मौसम के असर से भी फसल प्रभावित होती है। ऐसे में बनास डेयरी ने वैज्ञानिक तरीके से बेहतर गुणवत्ता वाले आलू बीज तैयार करने की दिशा में नई पहल शुरू की है। टिश्यू कल्चर तकनीक के जरिए ऐसे पौधे तैयार किए जाते हैं, जो रोगमुक्त और अधिक उत्पादन देने वाले होते हैं।

वहीं एरोपॉनिक तकनीक में पौधों को बिना मिट्टी के नियंत्रित वातावरण में तैयार किया जाता है। इससे पौधों की गुणवत्ता बेहतर होती है और बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीक से तैयार बीज किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं। इससे फसल की गुणवत्ता बेहतर होगी और उत्पादन क्षमता में भी बढ़ोतरी होगी।

भारत बनास डेयरी के अनुसार, इस परियोजना के तहत हर साल करीब 11 मिलियन जीरो सीड आलू उत्पादन की क्षमता विकसित की जा रही है। जीरो सीड आलू को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उत्पादन की शुरुआती और सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है।

इन बीजों से आगे चलकर लगभग 4000 मीट्रिक टन उच्च गुणवत्ता वाले आलू बीज तैयार किए जा सकेंगे। इससे किसानों को भरोसेमंद और बेहतर बीज उपलब्ध होंगे, जो खेती में अच्छे परिणाम देने में मदद करेंगे। अब तक कई किसानों को महंगे दामों पर बाहर से बीज खरीदने पड़ते थे, लेकिन इस पहल के बाद स्थानीय स्तर पर बेहतर बीज उपलब्ध होने की संभावना बढ़ जाएगी। इससे किसानों का खर्च कम होगा और समय पर बीज मिलना भी आसान हो सकेगा।

देश में खेती को लाभकारी बनाने के लिए सरकार और विभिन्न संस्थाएं लगातार नई योजनाओं पर काम कर रही हैं। बनास डेयरी की ये पहल भी किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अच्छे बीज मिलने से फसल उत्पादन बढ़ेगा, जिससे किसानों को बाजार में बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद रहेगी।

इसके अलावा रोगमुक्त बीज होने से फसल खराब होने का खतरा भी कम होगा। इससे किसानों की लागत घटेगी और मुनाफा बढ़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसानों को आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण बीज समय पर मिलें, तो वे कम जमीन में भी अधिक उत्पादन कर सकते हैं। यही वजह है कि अब कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक खेती को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है।