Chana Farmers Facing Loss Rajasthan : MSP का खेल या सिस्टम की लापरवाही? राजस्थान के चना किसानों को हर क्विंटल पर भारी घाटा

    11-May-2026
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Chana Farmers Facing Loss Rajasthan : राजस्थान में इस बार चना बेचने वाले किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। किसान संगठनों का आरोप है कि सरकारी खरीद व्यवस्था ठीक तरीके से काम नहीं कर रही है, जिसके चलते मजबूरी में किसानों को अपना चना बाजार में कम दाम पर बेचना पड़ रहा है। खबर यह है कि किसानों को हर क्विंटल चने पर करीब 775 रुपये तक का घाटा हो रहा है।

किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने कहा कि समर्थन मूल्य योजना का लाभ किसानों तक सही तरीके से नहीं पहुंच पा रहा है।
सरकार की ‘मूल्य समर्थन योजना’ (MSP) के तहत किसानों से समर्थन मूल्य पर चना खरीदने का नियम है। इसके लिए नेफेड और एनसीसीएफ जैसी एजेंसियों को सीधी खरीद की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन लेकिन प्रदेश में खरीद केंद्रों की संख्या बेहद कम है।

मध्य प्रदेश में जहां 3,627 खरीद केंद्र बनाए गए हैं, वहीं राजस्थान में सिर्फ 773 केंद्र हैं. इनमें भी कई केंद्र ऐसे हैं जहां खरीद शुरू ही नहीं हुई। रिपोर्ट के अनुसार 30 अप्रैल तक 261 केंद्रों पर एक भी खरीद नहीं हुई थी। इसका सीधा असर किसानों पर पड़ा और उन्हें मजबूरी में बाजार में कम कीमत पर चना बेचना पड़ा।

चना उत्पादन के मामले में राजस्थान देश के बड़े राज्यों में शामिल होने के बावजूद राजस्थान खरीद व्यवस्था में पिछड़ता नजर आ रहा है।

मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात मिलकर देश का 78 प्रतिशत से ज्यादा चना उत्पादन करते हैं। महाराष्ट्र में लाखों टन चना खरीदा जा चुका है और वहां खरीद प्रक्रिया तेजी से चल रही है। गुजरात और मध्य प्रदेश की स्थिति भी बेहतर बताई जा रही है लेकिन राजस्थान में लगभग 23 लाख टन उत्पादन होने के बाद भी डेढ़ लाख टन से कम खरीद हुई है।

किसानों ने चना बेचने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को भी समस्या बताया है। राजस्थान में राजफेड के जरिए पंजीकरण किया जाता है, लेकिन इसकी प्रक्रिया काफी कठिन बताई जा रही है। किसान नेताओं का आरोप है कि जनआधार कार्ड आधारित व्यवस्था के कारण एक परिवार में कई खातेदार होने के बावजूद केवल एक व्यक्ति ही अपनी उपज बेच पा रहा है।

किसानों का कहना है कि अगर खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए और पंजीकरण प्रक्रिया आसान बनाई जाए, तो किसानों को सही दाम मिल सकता है।