
Avocado Farming : पारंपरिक खेती के अलावा अब भारत के किसान हाई-वैल्यू फसलों की ओर तेजी से बढ़ रहे है। इन्ही में से एक है एवोकाडो, जिसे बटर फ्रूट भी कहा जाता है। इसकी बढ़ती मांग और ऊंची कीमतों ने किसानों के लिए इसे फायदे का सौदा बना दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की जलवायु और मिट्टी एवोकाडो की खेती के हिसाब से अनुकूल है। अगर आप भी अपनी खेती में कुछ अलग और क्रांतिकारी करना चाहते हैं। तो एवोकाडो की शुरुआत करना आपके लिए सबसे बेटर ऑप्शन हो सकता है।
एवोकाडो की सफल खेती के लिए सबसे पहले आपको सही जलवायु और मिट्टी का चुनाव करना होगा। वैसे तो इसकी खेती के लिए ऐसी जगह सबसे अच्छी मानी जाती है जहां बहुत ज्यादा ठंड न पड़ती हो और पानी का निकास अच्छा हो। दोमट मिट्टी जिसमें जलभराव की समस्या न हो एवोकाडो के पौधों के लिए वरदान साबित होती है।
खेती शुरू करने से पहले अपने खेत की मिट्टी की जांच जरूर करवा लें क्योंकि इस पौधे को थोड़ा एसिडिक पीएच पसंद होता है। गड्ढे खोदने के बाद उनमें अच्छी मात्रा में गोबर की खाद और जैविक उर्वरक डालना चाहिए ताकि पौधों को शुरुआती पोषण मिल सके. यह तैयारी ही तय करेगी कि आपके बाग की नींव कितनी मजबूत है।
एवोकाडो की खेती में सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है सही किस्म का चुनाव करना। भारत में हॉस और पिंकर्टन जैसी वैरायटी बहुत पॉपुलर हैं क्योंकि इनका स्वाद और शेल्फ लाइफ दोनों ही शानदार होते हैं। पौधों को लगाने का सबसे सही समय मानसून की शुरुआत यानी जून-जुलाई का होता है। जिससे उन्हें पर्याप्त नमी मिल सके।
पौधों के बीच लगभग 6 से 10 मीटर की दूरी रखना जरूरी है जिससे उन्हें फैलने के लिए पूरी जगह मिले। शुरुआती सालों में आप इंटरक्रॉपिंग के जरिए सब्जी या दालें उगाकर एक्स्ट्रा इनकम भी कर सकते हैं। याद रखें कि एवोकाडो के पौधे को सीधी और तेज धूप से बचाने के लिए शुरुआत में थोड़ी छाया या मल्चिंग की जरूरत पड़ सकती है।
एवोकाडो का पौधा लगाने के लगभग 3 से 4 साल बाद फल देना शुरू कर देता है लेकिन असली कमाई तब शुरू होती है जब पेड़ पूरी तरह से मेच्योर हो जाता है। एक स्वस्थ पेड़ से साल भर में सैकड़ों फल मिल सकते हैं और बाजार में एक फल की कीमत ही 100 से 200 रुपये तक आसानी से मिल जाती है। सिंचाई के लिए ड्रिप इरिगेशन सबसे बेस्ट है।
क्योंकि इससे पानी की बचत होती है और खाद सीधे जड़ों तक पहुंचती है। जैविक खाद का नियमित उपयोग फलों की क्वालिटी और चमक बढ़ाता है। जिससे आपको इंटरनेशनल मार्केट में भी बेहतर दाम मिल सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सही तरीके से की गई एवोकाडो खेती किसानों के लिए लंबे समय तक कमाई का मजबूत जरिया बन सकती है।