
Strawberry Farming : कश्मीर वैली में इन दिनों स्ट्रॉबेरी की खेती किसानों के लिए कमाई का नया जरिया बनती जा रही है। स्ट्रॉबेरी की कटाई पूरे कश्मीर घाटी में अप्रैल के आखिर और मई की शुरुआत में की जाती है। इसकी जल्दी कटाई होने की वजह से, अधिकतर किसान अब अपने खेतों में स्ट्रॉबेरी लगा रहे हैं, क्योंकि यह न सिर्फ एक नकदी फसल है, बल्कि लंबी सर्दियों के बाद, यह फसल किसानों को न सिर्फ पैदावार देती है, बल्कि आमदनी भी देती है।
मध्य कश्मीर में, कई किसान अपनी खेती का तरीका बदलकर स्ट्रॉबेरी की खेती अपना रहे हैं, क्योंकि साल के इस समय में, स्ट्रॉबेरी की मांग न सिर्फ अच्छी होती है, बल्कि उन्हें इस फसल के लिए अच्छा-खासा पैसा भी मिलता है।
एक किसान ने बताया कि इस साल पिछली बार से फसल अच्छी है क्योंकि पिछली बार गर्मी ज्यादा थी और हीटवेव भी थी। इस साल मार्च में भी थोड़ी सी हीटवेव थी। फिर 10 मार्च से बारिश शुरू हुई जो इस फसल के लिए अच्छी रही। इस साल भी पूरी फसल अच्छी है। पिछले साल की बात करें तो जब कटाई शुरू हुई तो दो तीन दिन लू वाले दिन थे। बदकिस्मती से वह पहलगाम अटैक की वजह से स्ट्रॉबेरी फसल पर बहुत असर हुआ क्योंकि टूरिस्ट फिर भाग गए। उस समय यहां पर कोई नहीं था। बाजार नहीं चल पा रहे थे।
किसान ने कहा, इस साल उम्मीद है कि पिछले साल जो नुकसान हुआ था, उसकी भरपाई इस साल हो जाएगी। फसल की बात करें तो पिछले साल के मुकाबले इस बार अच्छी है। घाटी में कई किसान स्ट्रॉबेरी की खेती में दिलचस्पी ले रहे हैं, जिसकी जितनी क्षमता है वह उतनी खेती कर रहा है। एक दो साल से कई किसान इसमें लगे हैं।
किसान ने कहा, सरकार से भी मदद मिल रही है। सरकार ने बोरवेल दिया है जिससे पानी की कमी का समाधान निकलेगा। जिन इलाकों में पानी कम है, वहां बोरवेल की मदद से किसान स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं. अब कुछ मार्केटिंग में समस्या आ रही है जिसका समाधान हो जाए तो अच्छा रहेगा।
स्ट्रॉबेरी की खेती करने वाले किसानों को सलाह है कि अगर आपके पास पांच छह मरला ही जमीन है तो आप कुछ भी कर सकते हैं। जरूरी नहीं कि आप स्ट्रॉबेरी और जाफरान की ही खेती करें, आप नर्सरी लगा कर भी कमाई कर सकते हैं।
किसानों में सरकार की इस कोशिश से खुशी है जिसमें फल और सब्जियों को बाहर भेजने के लिए ट्रेन सर्विस शुरू की गई है। किसानों के लिए अलग से ट्रेन की सुविधा होने से उन्हें अपनी उपज दूसरे राज्यों में बेचने में सहूलियत होगी। एक दो साल में कश्मीर की स्ट्रॉबेरी दूर-दूर के राज्यों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगी।
कश्मीर में स्ट्रॉबेरी की हार्वेस्टिंग इस बार 27 अप्रैल से शुरू हुई है, जो मई के अंतिम सप्ताह तक चलेगी। हालांकि इस फल की शेल्फ लाइफ कम होती है, लेकिन बढ़ती मांग और अच्छी कीमतों ने घाटी में इसकी खेती को तेजी से लोकप्रिय बना दिया है।