
Onion Purchase by Government : केंद्र सरकार ने प्याज किसानों को बाजार में गिरती कीमतों से राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मूल्य स्थिरीकरण योजना के तहत 15 मई को देश भर में प्याज खरीद अभियान शुरू किया जायेगा। इस बार सरकार ने 2 लाख टन प्याज खरीद का लक्ष्य तय किया गया है।
सरकारी एजेंसियां National Agricultural Cooperative Marketing Federation of India और National Cooperative Consumers' Federation of India किसानों से सीधे प्याज खरीदेंगी। दो लाख टन के कुल लक्ष्य में से दोनों संस्थाएं एक-एक लाख टन की खरीद करेंगी। खरीद के बाद उपज भंडारण की जिम्मा केंद्रीय भंडारण निगम को सौंपा गया है। निगम ने इसके लिए 20 गोदामों की पहचान भी कर ली है।
जानकारों का कहना है कि किसान अपनी उपज बेचने के लिए नेफेड के e-Samridhi और एनसीसीएफ के ई-संयुक्ति पोर्टल पर पंजीकरण करा सकते हैं। किसान ध्यान रखें कि इस खरीद पहल के तहत मानकों को पूरा करने वाले ग्रेड ए प्याज ही खरीदा जाएगा। उपज बेचेने वाले किसान के बैंक खाते हैं तीन दिनों के अंदर भुगतान जारी होने की बात सामने आ रही है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि राज्यों में प्याज का न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य पिछले तीन दिनों के दौरान राज्य की प्रमुख मंडियों में रही अधिकतम और मॉडल कीमतों के आधार पर तय किया जाएगा। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को बाजार में चल रहे औसत दामों से बेहतर कीमत मिल सके।
इसके अलावा, अधिकारियों के अनुसार, 6 महीने तक रखे जाने वाले ग्रेड-ए प्याज के लिए न्यूनतम रिकवरी रेट 72 प्रतिशत तय किया गया है। यह दर पिछले साल के समान ही रखी गई है, क्योंकि CWC पहली बार प्याज के भंडारण का काम कर रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से किसानों को मजबूरी में कम दाम पर प्याज बेचने से राहत मिलेगी और बाजार में कीमतों को स्थिर रखने में भी मदद मिलेगी।