
Apple Farming Diesel Use : पहाड़ों की ठंडी वादियों में होने वाली सेब की खेतीजितनी खूबसूरत दिखाई देती है उतनी ही तकनीकी और मेहनत भरी भी होती है। आमतौर पर लोग मानते हैं कि अच्छी मिट्टी और ठंडा मौसम ही सेब उत्पादन के लिए काफी है, लेकिन असल में बागों को सुरक्षित रखने के लिए कई आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है। सेब की खेती में डीजल एक अहम् भूमिका निभाता है।
सेब के बागानों में डीजल सिर्फ मशीन चलाने तक सीमित नहीं है बल्कि डीजल सेब के बागों में यह एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। खास तौर पर कीटों के हमले को रोकने और पेड़ों को स्वस्थ रखने के लिए डीजल का इस्तेमाल एक खास तकनीक के तहत किया जाता है। आधुनिक बागवानी में स्प्रे की प्रक्रिया इतनी जरूरी है कि बिना डीजल के सही समय पर कीट नियंत्रण करना लगभग नामुमकिन हो गया है।
सेब के पेड़ों में सैं जोस स्केल जैसे जिद्दी कीटों का खतरा हमेशा बना रहता है जो पेड़ों का रस चूसकर उन्हें सुखा देते हैं। इन कीटों से निपटने के लिए बागवान हॉर्टिकल्चर मिनरल ऑयल के साथ या कभी-कभी इसके ऑप्शन के तौर पर डीजल का इस्तेमाल करते हैं।
डीजल कीटों की सांस नली को बंद कर देता है जिससे वे बिना किसी जहरीले रसायन के भी खत्म हो जाते हैं। यह विधि बागवानों के बीच काफी लोकप्रिय है क्योंकि यह न केवल प्रभावी है। बल्कि पारंपरिक कीटनाशकों के मुकाबले एक अलग और कारगर ऑप्शन के तौर पर काम आती है।
सर्दियों के मौसम में जब सेब के पेड़ सुप्तावस्था में होते हैं तब डीजल स्प्रे का सबसे सही समय होता है। इस दौरान बागवान पानी, डीजल और इमल्सीफायर का एक सटीक मिश्रण तैयार करते हैं और इसे पूरे पेड़ पर छिड़कते हैं। यह स्प्रे पेड़ों की टहनियों पर छिपे कीटों के अंडों और लार्वा को पूरी तरह खत्म कर देता है।
जिससे वसंत के मौसम में नई कोपलें आने पर कीटों का हमला न हो सके। यह एक तरह का प्री-प्रिवेंशन स्टेप है। जिसमें डीजल का सही मिश्रण ही यह तय करता है कि आने वाले सीजन में फसल कितनी सुरक्षित रहेगी।
सेब के ऊंचे और घने पेड़ों पर छिड़काव करना कोई आसान काम नहीं है इसके लिए पावरफुल स्प्रेयर मशीनों की जरूरत होती है। इन हाई-प्रेशर मशीनों और ऑटोमैटिक स्प्रे पंपों को चलाने के लिए डीजल ही जरूरी है। अगर स्प्रे के पीक सीजन में डीजल की किल्लत हो जाए तो बागों में दवा छिड़कने का काम बीच में ही रुक सकता है। सही समय पर स्प्रे न होने का मतलब है कीटों को फैलने का मौका देना जिससे पूरी फसल तबाह हो सकती है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि आधुनिक बागवानी में समय पर स्प्रे और सही तकनीक अपनाना बेहद जरूरी है। यही कारण है कि पहाड़ी इलाकों में सेब उत्पादक किसान डीजल को खेती का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं।