Government Procurement Onion Price Crash : 1235 रुपये क्विंटल पर प्याज खरीदेगी सरकार, फिर भी क्यों भड़के किसान? पढ़िए यहाँ

    16-May-2026
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Government Procurement Onion Price Crash :
प्याज की लगातार गिरती कीमतों से परेशान किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र के सतारा में आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी घोषणा की कि सरकार किसानों से 12.35 रुपये प्रति किलो यानी 1,235 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्याज खरीदेगी।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ प्याज की गिरती कीमतों के मुद्दे पर चर्चा की है। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संकट की वजह से प्याज निर्यात प्रभावित हुआ है, जिससे बाजार में कीमतें गिर गई हैं। किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने शुक्रवार से ताजा प्याज की खरीद 12.35 रुपये प्रति किलो की दर से करने का फैसला लिया है। चौहान ने कहा कि सरकार किसानों का पूरा प्याज खरीदेगी और उन्हें हरसंभव समर्थन देगी। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) को जरूरी निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने भी इस घोषणा की पुष्टि करते हुए कहा कि किसानों को राहत पहुंचाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास करेगी।

हालाँकि केंद्र और महाराष्ट्र सरकार की प्याज खरीद घोषणा के बावजूद राज्य के किसान संगठनों में पूरी संतुष्टि नहीं दिखी। महाराष्ट्र में एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी माने जाने वाले लासलगांव के किसानों ने कहा कि सरकार द्वारा तय 1,235 रुपये प्रति क्विंटल का खरीद भाव काफी कम है। महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ (MSOGA) ने दावा किया कि यह कीमत किसानों की लागत भी पूरी नहीं कर पा रही है।

संगठन ने सरकार से 3,000 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तय करने की मांग की है। साथ ही, पिछले कुछ महीनों में कम दाम पर प्याज बेचने वाले किसानों को मुआवजा देने की मांग भी की गई है। किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि खरीद दर में बढ़ोतरी नहीं की गई तो महाराष्ट्र भर में आंदोलन शुरू किया जाएगा।

महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ के संस्थापक अध्यक्ष भारत दिघोले ने सरकार के खरीद फैसले को ‘किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने’ जैसा बताया। उन्होंने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन सरकार ने सिर्फ 1,235 रुपये प्रति क्विंटल का खरीद भाव तय किया है, जो बेहद कम, किसानों के साथ अन्याय करने वाला और किसान विरोधी फैसला है।