Lemon Plant care in Summers : इतनी भीषण गर्मी और चिलचिलाती हीटवेव के कारण हमारे घर की बालकनी या गार्डन में लगे पौधों की हालत ख़राब हो जाती है। इन्ही पौधों में से एक है नींबू का पौधा, जो इस मौसम में सबसे ज्यादा स्ट्रेस में रहता है। अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि गर्मियों में उनके नींबू के पौधे की पत्तियां पीली होकर गिरने लगती हैं फूल झड़ जाते हैं और नए फल आना बिल्कुल बंद हो जाते है।
पर फ़िक्र मत कीजिये अगर आप थोड़ी सी समझदारी और सही गार्डनिंग ट्रिक्स का इस्तेमाल करें तो कड़कती धूप में भी आपका नींबू का पौधा एकदम फ्रेश और हराभरा रहेगा। नींबू के पौधे को इस मौसम में खास न्यूट्रिशन, सही सिंचाई और थोड़े एक्स्ट्रा प्रोटेक्शन की जरूरत होती है। बस कुछ बेसिक बातों का ख्याल रखकर आप न सिर्फ अपने पौधे को सूखने से बचा सकते हैं बल्कि इस सीजन में उससे बंपर और बड़े साइज के नींबू भी पा सकते हैं।
गर्मियों में नींबू के पौधे को सूखने से बचाने का सबसे बड़ा सीक्रेट है मल्चिंग। इसमें गमले की मिट्टी के ऊपर सूखे पत्तों, गन्ने की खोई या नारियल के छिलकों की एक मोटी लेयर बिछा दी जाती है। यह लेयर तेज धूप को सीधे मिट्टी पर पड़ने से रोकती है। जिससे मिट्टी की नमी लंबे समय तक बनी रहती है।
वाटरिंग गर्मियों में वाटरिंग का भी एक खास नियम है पौधे में पानी हमेशा सुबह जल्दी या फिर सूरज ढलने के बाद शाम को ही डालें। दोपहर के वक्त जब मिट्टी बहुत गर्म होती है तब पानी देने की गलती बिल्कुल न करें क्योंकि इससे पौधे की जड़ें शॉक में आ सकती हैं और पत्तियां झुलस सकती हैं।
खाद का ध्यान नींबू के पौधे से भारी तादाद में फल लेने के लिए उसे सही समय पर सही खुराक देना बहुत जरूरी है। गर्मियों में कभी भी बहुत ज्यादा गर्म खाद जैसे कच्ची गोबर की खाद का इस्तेमाल न करें, इसके बजाय आप ठंडी खाद जैसे वर्मीकंपोस्ट या पूरी तरह से डीकंपोज हो चुकी पत्तियों की खाद डालें। पौधे में अच्छी फ्लावरिंग के लिए आप महीने में एक बार सीवीड लिक्विड फर्टिलाइजर या एप्सम साल्ट का स्प्रे कर सकते हैं।
धूप से बचाएंइसके साथ ही, जब मई-जून की दोपहर की धूप बहुत तेज हो तो अपने पौधे को सीधे सनबर्न से बचाने के लिए ग्रीन नेट (शेड नेट) के नीचे शिफ्ट कर दें। इन सिंपल और असरदार तरीकों को अपनाकर आपका पौधा पूरे सीजन फलों से लदा रहेगा।