Wheat Procurement : 2625 रुपये MSP, लेकिन 2400 में बिक रहा गेहूं, बढ़ी किसानों की चिंता

    18-May-2026
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Wheat Procurement :
मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद व्यवस्था को लेकर किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। खरीद केंद्रों पर अव्यवस्था और देरी के कारण किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम रेट पर मार्केट में उपज बेचने को मजबूर हैं। MP सरकार ने इस साल के लिए गेहूं का MSP 2,625 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन किसान करीब 2,400 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर फसल बेच रहे हैं। ऐसे में उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है।

किसानों का कहना है कि शादी-ब्याह, घरेलू खर्च, पैसों की जरूरत और बारिश-ओलावृष्टि से फसल खराब होने के डर के चलते वे जल्दबाजी में गेहूं बेचने को मजबूर हैं। इससे उन्हें करीब 15 फीसदी तक नुकसान हो रहा है।

नीमच के किसान देवीलाल पाटीदार ने बताया कि बड़े किसानों को स्लॉट बुकिंग में सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। उनका कहना है कि स्लॉट मिलने के बाद भी तय 5 से 7 दिनों के भीतर गेहूं की तौल नहीं हो पा रही है, जिससे किसानों की बिलिंग प्रभावित हो रही है और उनका नुकसान बढ़ रहा है।

इस सीजन में MSP पर गेहूं बेचने के लिए करीब 19.04 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया था, लेकिन अब तक केवल लगभग 11 लाख किसान ही अपनी फसल बेच पाए हैं। हालांकि, राज्य सरकार ने 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है, जिसमें से शनिवार तक करीब 85 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है।

किसानों का कहना है कि इस बार मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद व्यवस्था पिछले कई सालों की सबसे खराब स्थिति में पहुंच गई है। पहले मार्च से ही खरीद प्रक्रिया ठीक तरीके से शुरू हो जाती थी और किसानों को भरोसा रहता था कि उनकी पूरी फसल MSP पर बिक जाएगी लेकिन इस साल खरीद में देरी, ठेकेदार और बाजार में गिरते दामों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

किसानों के मुताबिक, गिरते बाजार भाव और खरीद केंद्रों की समस्याओं के कारण सरकारी व्यवस्था पर उनका भरोसा कमजोर पड़ने लगा है।