ITC Spice Farming : ITC की खास योजना से बदली किसानों की किस्मत! मसालों की खेती से बढ़ी कमाई

    19-May-2026
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ITC Spice Farming  : देश में मसालों की खेती करने वाले किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आयी है। ITC ने दावा किया है कि उसकी विशेष मसाला खेती योजना से अब तक 31 हजार 800 से ज्यादा किसानों को फायदा मिला है। इन किसानों ने करीब 2.2 लाख एकड़ जमीन पर मसालों की खेती की है, जिससे उनकी फसल की गुणवत्ता, उत्पादन और आय में सुधार हुआ है।

कंपनी के मुताबिक इस योजना के तहत किसानों को आधुनिक और सुरक्षित खेती के तरीके सिखाए जा रहे हैं। किसानों को बताया जा रहा है कि कम खर्च में अच्छी फसल कैसे उगाई जाए। उन्हें जैविक यानी ऑर्गेनिक खेती के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। इससे मिट्टी खराब नहीं होती और फसल भी अच्छी होती है। इससे खेती में खर्च कम और मुनाफा ज़्यादा हो रहा है।

कंपनी किसानों को मसालों की सही देखभाल, सही खाद का उपयोग और पानी बचाने के तरीके भी सिखा रही है। कई किसान अब मिर्च, हल्दी, धनिया और दूसरे मसालों की खेती करके अच्छी कमाई कर रहे हैं।

ITC ने बताया कि साल 2025 में वह भारत से सबसे ज्यादा ऑर्गेनिक मसाले विदेश भेजने वाली कंपनी बनी। इसका मतलब है कि दुनिया के कई देशों में भारतीय मसालों की मांग बढ़ रही है। विदेशों में लोग भारत के मसालों को बहुत पसंद कर रहे हैं।

कंपनी का कहना है कि भारतीय मसालों की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है। अगर किसानों को सही मदद और सही बाजार मिले, तो वे दुनिया भर में अपने मसाले बेच सकते हैं. इससे किसानों की आय और ज्यादा बढ़ सकती है.

आंध्र प्रदेश के गुंटूर में आईटीसी ने मसालों को तैयार करने का बहुत बड़ा केंद्र बनाया है। यह एशिया के सबसे बड़े मसाला प्रोसेसिंग सेंटरों में से एक माना जाता है। यह लगभग 6 एकड़ में फैला हुआ है और यहां हर साल 20 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा मसालों की प्रोसेसिंग की जा सकती है।

इस केंद्र में 15 से ज्यादा तरह के मसालों पर काम किया जाता है। यहां मसालों की सफाई, पैकिंग और जांच की जाती है ताकि अच्छी गुणवत्ता वाले मसाले बाजार और विदेशों में भेजे जा सकें। खास बात यह है कि यहां ऑर्गेनिक मसालों के लिए अलग व्यवस्था की गई है।

ITC ने अपने इस केंद्र में नई तकनीक का भी इस्तेमाल किया है. हर मसाले की जानकारी बारकोड के जरिए रखी जाती है। इससे यह पता चल जाता है कि मसाला किस किसान के खेत से आया है और उसकी प्रोसेसिंग कैसे हुई है। इससे ग्राहकों को भरोसा मिलता है कि उन्हें अच्छी और सुरक्षित चीज मिल रही है। साथ ही किसानों को भी फायदा होता है क्योंकि उनके उत्पाद की सही पहचान बनती है।

ITC के इस कार्यक्रम का असर किसानों की जिंदगी पर साफ दिखाई दे रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 10 सालों में इस योजना से जुड़े किसानों की आय में करीब 42 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। किसानों की कमाई इसलिए बढ़ी क्योंकि उनकी फसल अच्छी हुई, खेती का खर्च कम हुआ और उन्हें अच्छे बाजार मिले।

ITC का कहना है कि उसका लक्ष्य केवल व्यापार बढ़ाना नहीं है, बल्कि किसानों को मजबूत बनाना भी है। कंपनी चाहती है कि किसान खेती से अच्छा पैसा कमाएं और नई तकनीक का फायदा उठाएं।

कंपनी के अधिकारी एस गणेश कुमार ने कहा कि किसानों को आधुनिक तकनीक और सही बाजार से जोड़ना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। उनका मानना है कि भारतीय मसाले वैश्विक बाजार में बड़ी पहचान बना सकते हैं और इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।