
Bihar Heatwave Farmer's Alert : पूरा उत्तर भारत इस वक़्त भीषण गर्मी झेल रहा है। बिहार भी इससे अछूता नहीं है। बिहार में भी बढ़ते हुए तापमान ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। इस भीषण गर्मी का असर से खेतों में खड़ी फसलें भी बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
प्रचंड गर्मी और अनियमित मौसम के कारण राज्य में प्याज, मूंग, भिंडी और उड़द जैसी प्रमुख फसलों में कीट और रोगों का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। इस चुनौती को देखते हुए डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा (समस्तीपुर) के वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए जरूरी एडवाइजरी जारी की है।
मौसम विभाग का अलर्टमौसम विभाग ने उत्तर बिहार के जिलों के लिए चेतावनी जारी की है कि अगले 1 से 2 दिनों में बारिश के साथ तेज आंधी-तूफान आ सकता है। ऐसे मौसम में फसलों पर रोग और कीटों का असर और ज्यादा बढ़ सकता है। इसलिए किसानों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
भिंडी की फसल पर डबल अटैक भिंडी की फसल में इस समय माइट (सूक्ष्म कीट) और फल एवं तना छेदक का खतरा बढ़ गया है, जो सीधे उत्पादन पर असर डालते हैं।
बचाव के उपायमाइट का प्रकोप दिखने पर एथियान 1.5 से 2 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें. तना/फल छेदक दिखने पर मैलाथियान 50 EC 1 मिली प्रति लीटर पानी या डाइमिथोएट 30 EC 1.5 मिली प्रति लीटर पानी का छिड़काव करें.
प्याज में थ्रिप्स का बढ़ता खतरा मौसम की वर्तमान स्थिति प्याज की फसल के लिए अनुकूल नहीं है। इसमें थ्रिप्स (Thrips) नामक कीट का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जो पत्तियों को नुकसान पहुंचाकर फसल की क्वालिटी और उत्पादन घटा देता है।
बचाव के उपायलगातार फसल की निगरानी करें। अधिक प्रकोप होने पर प्रोफेनोफोस 1 मिली प्रति लीटर पानी या इमिडाक्लोप्रिड 1 मिली प्रति 4 लीटर पानी, साथ में स्टीकर 1 मिली प्रति लीटर पानी मिलाएं और छिड़काव करें।
सिंचाई पर जोरअगर बारिश नहीं होती है, तो वैज्ञानिकों ने किसानों को समय पर सिंचाई करने की सलाह दी है। खासतौर पर इन फसलों में- आम, लीची, प्याज, गर्मी की सब्जियों में सिंचाई करने से मिट्टी में नमी और आर्द्रता बनी रहती है, जिससे पौधों की वृद्धि बेहतर होती है और रोगों का असर कम होता है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह खेतों का नियमित निरीक्षण करें, कीट-रोग की शुरुआती पहचान करें। वैज्ञानिकों द्वारा सुझाई गई दवाओं का ही उपयोग करें, मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखें। तेज आंधी और बारिश से पहले फसलों की सुरक्षा करें।
बदलते मौसम और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने बिहार के किसानों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। हालांकि, सही समय पर वैज्ञानिक सलाह और सतर्कता अपनाकर फसलों को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है।