
Black Rosewood Farming : इस बदलते दौर में किसान पारंपरिक फसलों से बाहर निकलकर कुछ नया और एक्स्ट्रा कमाई वाला जरिया ढूंढ रहे हैं। इस क्रम में काला शीशम यानी ब्लैक रोजवुड आपके लिए एक बेटर ऑप्शन है। इसकी लकड़ी से लेकर इसके तेल तक की डिमांड मार्केट में हर बनी रहती है।
और इसकी विशेष बात यह है कि इसकी खेती में न तो रोज-रोज की मेंटेनेंस का झंझट है और न ही मौसम की मार का बहुत ज्यादा रिस्क होता है। एक बार अपने बाग या खेत के मेड़ पर इसे लगा दिया तो यह आपकी अगली पीढ़ी के लिए एक परमानेंट फिक्स्ड डिपॉजिट की तरह काम करता है। चलिए डिटेल में समझते हैं कि कैसे काले शीशम की खेती करके हमारे किसान भाई छप्परफाड़ कमाई कर सकते हैं।
इसकी लकड़ी की चमक, इसकी मजबूती और दीमक से बचे रहने की अनोखी क्वालिटी की वजह से इसका कोई मुकाबला नहीं है। लग्जरी और एंटीक फर्नीचर, आलीशान घरों की इंटीरियर डिजाइनिंग, महंगी नावों और म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स जैसे गिटार बनाने में इस लकड़ी का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। यही वजह है कि डोमेस्टिक मार्केट से लेकर इंटरनेशनल लेवल तक इसकी लकड़ी बहुत ऊंचे और प्रीमियम दामों पर बिकती है।
इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि इसका पेड़ जितना पुराना होता जाता है इसकी लकड़ी का रंग उतना ही गहरा और कीमती होता जाता है। अगर आपके पास थोड़ी भी खाली जमीन या बाग है तो वहां काला शीशम लगाकर आप बहुत आसानी से लॉन्ग-टर्म में करोड़ों का गारंटीड रिटर्न हासिल कर सकते हैं।
पत्तियों और छाल से होती कमाई
काले शीशम की खासियत सिर्फ इसकी महंगी लकड़ी तक ही सीमित नहीं है। बल्कि इसके पेड़ से निकलने वाला तेल भी कमाई का एक बहुत बड़ा जरिया है। इसकी पत्तियों, छाल और बीजों से साइंटिफिक तरीके से एक खास एसेंशियल ऑयल निकाला जाता है जिसकी डिमांड कॉस्मेटिक इंडस्ट्री, हर्बल मेडिसिंस और महंगे परफ्यूम बनाने में बहुत ज्यादा होती है।
तेल से भी होती है एक्स्ट्रा इनकम
काले शीशम का तेल मार्केट में काफी ऊंचे रेट पर बिकता है जिससे किसानों को पेड़ के मैच्योर होने से पहले ही रेगुलर बेसिस पर एक शानदार साइड इनकम मिलने लगती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि काला शीशम के पौधों के बीच खाली जगह में हल्दी, अदरक और अन्य सह-फसलें उगाकर किसान अतिरिक्त मुनाफा कमा सकते हैं। इससे जमीन का बेहतर उपयोग होता है और हर साल नियमित आय भी मिलती रहती है।