
Microgreen Farming in Bedrooms : आजकल बिजी रूटीन में हर कोई केमिकल फ्री और हेल्दी काने की तलाश में है। अगर आप भी उनमे से एक हैं तो इसके लिए आपको किसी बड़े खेत या गार्डन की जरूरत नहीं है। आप अपने बेडरूम ही उम्दा खेती कर सकते हैं। जिसे मॉडर्न भाषा में माइक्रोग्रीन्स कहते हैं। पालक, मेथी, सरसों, मूली और धनिया जैसी रोजाना काम आने वाली फसलों को आप अपने कमरे के किसी कोने में आसानी से उगा सकते हैं।
सबसे अच्छी बात यह है कि इसकी खेती के लिए आपको न तो मिट्टी की जरूरत है और न ही सूरज की तेज धूप की। बस कुछ ही दिनों की देखरेख और आपकी हरी-भरी, फ्रेश पौध मात्र 7 से 10 दिनों के अंदर प्लेट में सजने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाती है।आइये आपको बताते हैं इसका तरीका।
अपने कमरे में इस मिनी फार्म को शुरू करने के लिए आपको एक छिछली यानी कम गहरी ट्रे की जरूरत होगी। इसमें मिट्टी की जगह कोकोपीट यानी नारियल के छिलके का बुरादा की एक पतली लेयर बिछाएं, जिससे कमरे में बिल्कुल भी गंदगी नहीं होगी। अब मेथी, सरसों या पालक के बीजों को थोड़ी देर पानी में भिगोने के बाद इस कोकोपीट पर बराबर तरीके से फैला दें।
इसके बाद एक स्प्रे बॉटल लें और बीजों पर हल्का सा पानी छिड़कें जिससे वहां नमी बनी रहे लेकिन ध्यान रहे कि पानी जमा न होने पाए। चूंकि बेडरूम में नेचुरल धूप नहीं आती इसलिए पौधों को एनर्जी देने के लिए आप एलईडी ग्रो लाइट्स का इस्तेमाल करें और इन्हें दिन में कम से कम 10 से 12 घंटे ऑन रखें। जब 7-10 दिनों में ये पौधे 2-3 इंच के हो जाएं, तो कैंची से इनकी कटाई कर लें।
इस तरह बेडरूम में उगाई गई छोटी-छोटी पत्तियां सिर्फ दिखने में ही खूबसूरत नहीं होतीं। बल्कि न्यूट्रिशन के मामले में भी बड़े-बड़े विटामिन्स को फेल करती हैं। रिसर्च बताती है कि इन नन्हे पौधों में नॉर्मल सब्जियों के मुकाबले लगभग 40 गुना ज्यादा विटामिन्स और मिनरल्स होते हैं, जो आपकी इम्यूनिटी को बूस्ट करते हैं।
कोकोपीट का इस्तेमाल होने की वजह से आपके साफसुथरे बेडरूम में मिट्टी या गंदगी का कोई चांस नहीं रहता। सबसे बेस्ट पार्ट यह है कि इसमें आपको हफ्तों या महीनों का इंतजार नहीं करना पड़ता महज एक सिंगल वीक में आपकी क्रिस्पी और फ्रेश फसल कटाई के लिए रेडी हो जाती है, जिसे आप सलाद, सूप या सैंडविच में डालकर खा सकते हैं।