
Grapes Farming In Farmhouse : अगर आपके पास फार्महाउस में खाली ज़मीन पड़ी है तो आप उससे एक्स्ट्रा इनकम जेनरेट कर सकते हैं। इस जमीन से नियमित और अच्छा रिटर्न कमाने के लिए अंगूर की बागवानी एक बेहतरीन और लंबे समय तक चलने वाला विकल्प है। अगर आप पारंपरिक फसलों के जाल से बाहर निकलकर कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं तो अंगूर के बाग आपको मालामाल कर सकते हैं।
अंगूर की खेती की शुरुआत करने से पहले आपको अपने फार्महाउस की मिट्टी का सॉइल टेस्ट करवाना होगा। अंगूर के बेहतर विकास के लिए अच्छी धूप और सूखी जलवायु के साथ-साथ ऐसी दोमट मिट्टी सबसे सही रहती है, जिसमें पानी इकट्ठा न हो। पानी को निकालने का सही इंतजाम होना इस खेती की पहली और सबसे जरूरी शर्त है।
बेहतर पैदावार के लिए खेतों में ट्रेलिस सिस्टम यानी मचान विधि का इस्तेमाल करना सबसे आधुनिक और बेस्ट तरीका माना जाता है। लोहे के तारों और सीमेंट के खंभों के सहारे जब अंगूर की बेलें ऊपर की तरफ फैलती हैं तो उन्हें भरपूर हवा और रोशनी मिलती है। इससे फलों का साइज और उनकी चमक दोनों ही बहुत अच्छी हो जाती है।
प्लांटेशन के लिए मार्केट के ट्रेंड को देखते हुए थॉम्पसन सीडलेस, शरद सीडलेस या फ्लेम सीडलेस जैसी बेहतरीन और हाइब्रिड किस्मों के पौधों का चुनाव करना चाहिए. अच्छी नर्सरी से प्रमाणित पौधे लाकर निश्चित दूरी पर लगाएं। पानी के मैनेजमेंट के लिए ड्रिप इरिगेशन का सेटअप जरूर करवाएं जिससे पौधों को नमी मिलती रहे।
अंगूर की खेती में सबसे जरूरी काम होता है समय पर इसकी कटाई-छंटाई यानी प्रूनिंग करना. साल में दो बार, खासकर अक्टूबर और अप्रैल के महीने में बेलों की सही छंटाई करने से नई और मजबूत शाखाएं निकलती हैं। इस दौरान समय-समय पर जैविक खाद और जरूरी न्यूट्रिशन देने से पौधों में बीमारियों का खतरा बेहद कम हो जाता है।
कमाई और मुनाफे की बात करें तो अंगूर के पौधे लगाने के करीब दो से तीन साल बाद इनसे फल मिलना शुरू हो जाते हैं। शुरुआत में पैदावार थोड़ी कम हो सकती है लेकिन चौथे साल से यह पूरी तरह कमर्शियल प्रोडक्शन देने लगते हैं। एक बार सेट होने के बाद यह बाग अगले 20-25 सालों तक बंपर कमाई कराते हैं।
बाजार में ताजे अंगूरों की कीमत तो बढ़िया मिलती ही है, साथ ही प्रोसेसिंग यूनिट्स और वाइनरी उद्योग में भी इसका अच्छा उपयोग होता है। सही तकनीक और प्रबंधन के साथ अंगूर की खेती से किसान हर साल लाखों रुपये का मुनाफा कमा सकते हैं।