Cotton Farming News : कपास बाजार में बड़ी हलचल के संकेत, उत्पादन और स्टॉक दोनों बढ़ेंगे

    27-May-2026
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Cotton Farming News :
देश में कपास की खेती को लेकर किसानों के बीच उत्साह बढ़ता दिखाई दे रहा है। दरअसल कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CAI) का मानना है कि आने वाले 2026 के बुवाई सीजन में देश में कपास की खेती का रकबा बढ़ सकता है। अलग-अलग राज्यों से मिली जानकारी के आधार पर अनुमान लगाया गया है कि इस बार कपास का रकबा करीब 7 प्रतिशत तक बढ़ेगा। बेहतर दाम और बढ़ी हुई सरकारी MSP के कारण किसान अब ज्यादा क्षेत्र में कपास बोने की तैयारी कर रहे हैं।

CAI के अध्यक्ष विनय एन. कोटक और फसल समिति के अध्यक्ष अतुल एस. गनात्रा के अनुसार, किसानों को इस साल कपास की अच्छी कीमतें मिली हैं और उनकी आय भी बढ़ी है। इसी वजह से किसान अगले सीजन में ज्यादा रकबे में कपास बोने के लिए उत्साहित हैं।

अभी की स्थिति

कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 सीजन में देश में करीब 114.82 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में कपास की बुवाई हुई थी। अब उम्मीद है कि 2026-27 में यह क्षेत्र और बढ़ेगा। सरकार ने भी किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाया है।

मध्यम स्टेपल कपास का मूल्य 8,267 रुपये प्रति क्विंटल और लंबा स्टेपल कपास का मूल्य 8,667 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। सरकार ने इन कपासों के दाम में 557 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है।

आयात और निर्यात का अनुमान

CAI के मुताबिक, 2025-26 सीजन में कपास का आयात 47 लाख गांठ रहने का अनुमान है। पिछले साल यह आयात 41 लाख गांठ था, यानी करीब 15% ज्यादा लेकिन इस बार वृद्धि की उम्मीद है। निर्यात 18 लाख गांठ पर स्थिर रहने की उम्मीद है।

उत्पादन और मांग
इस सीजन में कुल उत्पादन (फसल/प्रेसिंग) का अनुमान 334 लाख गांठ लगाया गया है। यहां एक गांठ का मतलब 170 किलोग्राम उपज से है। देश में घरेलू खपत 338 लाख गांठ रहने का अनुमान है, जो 7.6% ज्यादा है।

सरप्लस और स्टॉक
इस साल कपास का सरप्लस बढ़कर 103.59 लाख गांठ होने की संभावना है, पिछले साल 78.59 लाख गांठ था। वहीं सीजन के अंत में क्लोजिंग स्टॉक 85.59 लाख गांठ रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 41 प्रतिशत ज्यादा है।

क्या है आगे की योजना

CAI ने बताया कि देश में कपास की कुल खपत का सही आंकड़ा जानने के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी से सर्वे कराया जाएगा। स्टॉक के आंकड़ों में फर्क होने के कारण 7 सदस्यों की समिति बनाई गई है, जो इन आंकड़ों का मिलान करेगी।

कुल मिलाकर, अच्छे दाम और बढ़ती MSP के चलते किसान कपास की खेती बढ़ाने की तैयारी में हैं। उत्पादन, आयात और स्टॉक तीनों में बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं, जिससे आने वाले सीजन में कपास बाजार में अच्छी हलचल देखने को मिल सकती है।