
PMRKVY : देश में खेती को आधुनिक और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत 3379 करोड़ रुपये से ज्यादा की कार्ययोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं के जरिए किसानों को प्राकृतिक खेती, सिंचाई, मधुमक्खी पालन, मखाना खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ मिलेगा।
मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति की बैठक में इन योजनाओं को मंजूरी दी गई। सरकार का उद्देश्य खेती की लागत को कम करना, उत्पादन बढ़ाना और किसानों की आय मजबूत करना है।
इस बैठक में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस कर रही है। सरकार चाहती है कि किसान रासायनिक खाद और कीटनाशकों का कम इस्तेमाल करें और जैविक व प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें। इसके साथ ही आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की भी बात कही गई। अधिकारियों ने कहा कि नई तकनीकों से खेती आसान होगी, लागत घटेगी और उत्पादन बढ़ेगा। सरकार मखाना खेती और मधुमक्खी पालन को भी बढ़ावा देने जा रही है। मधुमक्खी पालन से किसानों को शहद उत्पादन के जरिए अतिरिक्त कमाई का मौका मिलेगा। वहीं मखाना की खेती को भी आय बढ़ाने वाली फसल के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। कई क्षेत्रों में किसानों को पानी की कमी के कारण खेती में परेशानी होती है। अब सरकार सिंचाई के विस्तार पर काम करेगी ताकि किसानों को समय पर पानी मिल सके। इसके अलावा कृषि कल्याण केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां किसानों को खेती से जुड़ी जानकारी और सुविधाएं मिलेंगी। पैक्स स्तर पर गोदाम निर्माण को भी तेजी देने की योजना है, ताकि किसानों को फसल भंडारण में सुविधा मिल सके।
सरकार ने कृषि विश्वविद्यालयों से जुड़े विकास कार्यों को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इससे किसानों को नई रिसर्च और आधुनिक खेती की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। आने वाले समय में इससे कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।