Sunflower Procurement At MSP : MSP पर सूरजमुखी खरीद की तैयारी तेज! हरियाणा सरकार ने बनाए 17 खरीद केंद्र

    07-May-2026
Total Views |

Sunflower Procurement At MSP:
हरियाणा सरकार ने रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए सूरजमुखी की सरकारी खरीद की तैयारी शुरू कर दी है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल बेचने में सुविधा देने के लिए राज्य के पाँच जिलों में 17 खरीद केंद्र घोषित किए गए हैं। सरकार ने इस बार सूरजमुखी का MSP 7,721 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। इस फैसले से हजारों किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

सबसे ज्यादा खरीद केंद्र अंबाला और कुरुक्षेत्र में बनाए गए हैं। वहीं, करनाल, पंचकूला और युमुनानगर में एक-एक केंद्र हैं। अंबाला की बात करें तो यहां कुल 7 केंद्र है, जिसमें अंबाला शहर, अंबाला कैंट, बराड़ा, मुलाना, शहजादपुर, साहा और नारायणगढ़ शामिल है। इसी तरह कुरुक्षेत्र में खरीद केंद्रों की संख्या 7 है, जिसमें इस्माइलाबाद, थानेसर, ठोल, शाहाबाद, लाडवा, बाबैन और झांसा शामिल है। करनाल की अनाज मंडी, पंचकूल के बरवाला और यमुनानगर के सढौरा में एक-एक केंद्र बनाया गया है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अनुसार सूरजमुखी की कटाई 1 जून से 15 जून के बीच शुरू होने की संभावना है। सरकारी खरीद प्रक्रिया 1 जून से 30 जून तक चलेगी।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार मौसम अनुकूल रहने के कारण सूरजमुखी की फसल काफी अच्छी नजर आ रही है। किसानों से उपज को साफ और सुखाकर ही खरीद केंद्रों तक लाने की अपील की गई है। खरीद केंद्र घोषित होने के बाद मंडियों में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मंडियों की सफाई, स्टोरेज और अन्य व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है।

भारतीय किसान यूनियन (चरुनी) के प्रवक्ता राकेश कुमार बैन्स के अनुसार, सूरजमुखी एक संवेदनशील फसल है और अगर खरीद में देरी हुई तो किसानों को नुकसान हो सकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जैसे ही मंडियों में फसल की आवक शुरू हो, तुरंत खरीद प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसानों की पूरी फसल MSP पर खरीदी जाए।

हरियाणा में सूरजमुखी की खेती लगातार बढ़ रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि यह फसल कम समय में तैयार हो जाती है और तेल उत्पादन के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। खाद्य तेलों की बढ़ती मांग और बेहतर बाजार मिलने के कारण किसान अब सूरजमुखी की खेती की ओर ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं।

फिलहाल हरियाणा के किसानों को उम्मीद है कि इस बार खरीद प्रक्रिया समय पर शुरू होगी और उन्हें अपनी फसल का सही दाम मिलेगा।