
Tomato Farming In Summer : देश भर में बढ़ती गर्मी और लू ने अब खेती-किसानी पर भी असर दिखाना शुरू कर दिया है। बहुत से शहर ऐसे हैं जिनमें पारा 45 डिग्री के पार जा चुका है, जिससे खेतों में फसलें झुलसने लगी हैं। खासकर टमाटर की फसल पर तेज धूप और गर्म हवाओं का सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है। पौधे तेजी से सूख रहे हैं और उनकी क्वालिटी और रंगत भी ख़राब हो रही है।
ऐसे में अगर किसान सही तकनीक और देखभाल का प्रबंधन न करें, तो पूरी मेहनत ख़राब हो सकती है लेकिन चिंता की बात नहीं है। कुछ समझदारी भरे बदलाव और मैनेजमेंट के जरिए आप इस भीषण गर्मी में भी टमाटरों की शानदार और सुर्ख लाल पैदावार ले सकते हैं।
सिंचाई गर्मी के मौसम में टमाटर के पौधों को बचाने के लिए सिंचाई का तरीका सबसे ज्यादा मायने रखता है। इस समय दोपहर की सिंचाई पौधों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है, इसलिए हमेशा सुबह जल्दी या सूरज डूबने के बाद ही पानी दें। पौधों की नमी बनाए रखने और उन्हें लू से बचाने के लिए पत्तियों पर हल्का पानी छिड़कना यानी फोलियर स्प्रे बहुत फायदेमंद रहता है।
इससे पौधों का तापमान कंट्रोल में रहता है और वे झुलसते नहीं हैं। अगर मुमकिन हो तो मल्चिंग का इस्तेमाल करें ताकि जमीन की नमी धूप में तुरंत न उड़े। सही समय पर और सही तरीके से पानी देने से टमाटर का साइज भी बढ़िया होगा और उनमें चमक बनी रहेगी।
जैविक खाद तेज गर्मी में फसल पर कीटों का हमला काफी बढ़ जाता है, जो फूलों और फलों को सुखा देते हैं। इसके लिए महंगे और जहरीले रसायनों के बजाय नीम आधारित उपायों को अपनाना सबसे बेस्ट है। नीम के तेल का छिड़काव न केवल कीटों को दूर रखता है बल्कि पौधों को एक नेचुरल सुरक्षा कवच भी देता है।
इसके साथ ही खेत में केवल जैविक खाद और वर्मी कंपोस्ट का ही इस्तेमाल करें। रासायनिक खाद इस मौसम में मिट्टी को और ज्यादा गर्म कर देती है, जबकि जैविक खाद मिट्टी को ठंडा रखती है और पौधों की रोगों से लड़ने की ताकत बढ़ाती है। यह तरीका न केवल आपकी लागत कम करेगा बल्कि टमाटर की क्वालिटी को भी नंबर वन बनाएगा।
तापमान कंट्रोल अगर आप चाहते हैं कि आपके टमाटर झुलसें नहीं और उनकी रंगत एकदम लाल बनी रहे, तो तापमान नियंत्रण पर खास ध्यान देना होगा। किसान अपने खेतों के चारों तरफ ऊँची फसलें लगा सकते हैं जो 'विंड ब्रेक' का काम करती हैं और गर्म लू को अंदर आने से रोकती हैं। जब मार्केट में लू और गर्मी की वजह से टमाटरों की सप्लाई कम होती है।
उसी वक्त आपकी फ्रेश फसल की डिमांड सबसे ज्यादा होगी। चमकदार और बिना दाग वाले टमाटरों के लिए आपको मंडी में सबसे ऊंचे रेट मिलेंगे। याद रखिए, गर्मी की इस चुनौती को जो किसान सही मैनेजमेंट से पार कर लेगा, वही इस सीजन में असली मुनाफा कमाएगा।