Mango Farming Last 30 Days Care: आम किसानों के लिए सबसे अहम वक्त शुरू, ये 30 दिन बना सकते हैं करोड़पति

    08-May-2026
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Mango Farming Last 30 Days Care: भारत में आम को फलों का राजा नहीं कहा जाता लेकिन किसानों के लिए यह सिर्फ स्वाद नहीं बल्कि उनकी आय का भी बड़ा आधार है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मई और जून के आखिरी 30 दिन आम किसानों के लिए बेहद अहम होते हैं। जो उनकी पूरी साल की कमाई तय करता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस दौरान फल अंतिम विकास चरण में होते हैं, जहां उनके आकार, रंग, मिठास और गुणवत्ता का तेजी से विकास होता है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय सही प्रबंधन अपनाने से न केवल गुणवत्ता में 20-30% तक सुधार संभव है, बल्कि कटाई के बाद होने वाले नुकसान को भी 15–20% तक कम किया जा सकता है।

इस वक़्त जरूरी है देखभाल
डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के प्रोफेसर (डॉ.) एस. के. सिंह के अनुसार, इस चरण में संतुलित पोषण, नमी प्रबंधन और कीट-रोग नियंत्रण बेहद जरूरी हो जाता है। उन्होंने बताया कि सल्फेट ऑफ पोटाश (1%), बोरॉन (0.2%) और कैल्शियम (0.5%) के छिड़काव से फल की गुणवत्ता, मिठास और शेल्फ लाइफ में सुधार होता है।

भीषण गर्मी से करें बचाव
भीषण गर्मी से फलों के झुलसने और गिरने की समस्या से बचाव के लिए मल्चिंग, ड्रिप सिंचाई और काओलिन स्प्रे (3%) को प्रभावी उपाय बताया गया है। इससे पानी की बचत के साथ-साथ फलों को उच्च तापमान से सुरक्षा मिलती है।

फल मक्खी से सुरक्षा
इस मौसम में कीटों में फल मक्खी इस समय सबसे खतरनाक मानी जाती है, जो 30 से 80 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा सकती है। इसके नियंत्रण के लिए प्रति एकड़ 10-15 मिथाइल यूजेनॉल ट्रैप लगाने, बेट स्प्रे करने और गिरे हुए फलों को नष्ट करने की सलाह दी गई है। वहीं, रोग प्रबंधन के तहत एन्थ्रेक्नोज और सूटी मोल्ड से बचाव के लिए कॉपर ऑक्सीक्लोराइड (0.3%) या मैन्कोजेब (0.25%) का छिड़काव कारगर माना गया है।

रसायनों का उपयोग न करें
वैज्ञानिकों ने किसानों को यह भी सलाह दी है कि कटाई से पहले 15-20 दिन तक फफूंदनाशी का अंतिम छिड़काव कर देना चाहिए और कटाई से 10-15 दिन पहले सभी रसायनों का उपयोग बंद कर देना चाहिए। सही समय पर तुड़ाई और वैज्ञानिक तरीके अपनाने से 25% तक नुकसान रोका जा सकता है।

कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए हॉट वॉटर ट्रीटमेंट, ग्रेडिंग, पैकिंग और कोल्ड स्टोरेज जैसी तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया गया है। इससे आम की शेल्फ लाइफ बढ़ती है और बाजार में बेहतर कीमत मिलती है।