Maharashtra Onion Farmers Loss : 41 बोरी प्याज, कमाई सिर्फ ₹519! महाराष्ट्र में प्याज किसानों का फूटा गुस्सा

    09-May-2026
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Maharashtra Onion Farmers Loss :
महाराष्ट्र में प्याज की गिरती कीमतों ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। महाराष्ट्र में प्याज उगाने वाले किसानों की बिगड़ती हालत को लेकर किसान संगठन ने महाराष्‍ट्र सरकार को सख्त चेतावनी दी है। महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक किसान संघ के अध्यक्ष भारत दिघोले ने कहा है कि अगर तत्काल किसानों को जल्‍द राहत नहीं दी गई तो पूरे राज्य में बड़ा आंदोलन खड़ा हो सकता है।

अब किसान सिर्फ आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं और उन्हें ठोस फैसले चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान इस समय आर्थि‍क तबाही झेले रहे हैं। ऐसे में सभी प्रभावित किसानों को कम से कम 1500 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी दी जाए, ताकि उन्हें तत्काल राहत मिल सके।

प्‍याज उत्‍पादक संघ ने कहा कि राज्य में पिछले कुछ समय से प्याज के बाजार भाव लगातार गिर रहे हैं, जबकि उत्पादन लागत तेजी से बढ़ी है। ऐसे में किसान अपनी लागत तक नहीं निकाल पा रहे हैं। कई मंडियों में प्याज बेहद कम कीमत पर बिक रहा है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है और कई जगहों पर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं।

भारत दिघोल ने बताया कि राज्य के अलग-अलग जिलों से किसानों की गंभीर स्थिति की लगातार रिपोर्ट मिल रही है, जो यह दिखाती है कि किसान आर्थिक, मानसिक और सामाजिक संकट के कगार पर पहुंच चुके हैं। उन्‍होंने बीड जिले के नेकपुर के एक किसान का उदाहरण देते हुए बताया कि किसान 41 बोरी प्याज लेकर सोलापुर मंडी पहुंचा, लेकिन वहां उसकी केवल 20 बोरी ही बिक सकीं।

ढुलाई, तौल, दलाली और अन्य खर्चों की कटौती के बाद उसके हाथ में मात्र 519 रुपये ही बचे, जबकि 21 बोरी बिना बिके रह गईं और अभी भी बाकी बोरियां मंडी में ही पड़ी हैं. संगठन ने कहा कि यह घटना राज्यभर में किसानों की बुरी स्थिति का साफ संकेत है।

वहीं, उन्‍होंने नाशिक जिले की सटाणा मंडी के हालातों को और चिंताजनक बताया, जहां एक किसान को केवल 50 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिला। इस स्थिति से नाराज होकर किसान ने मंडी परिसर में आत्महत्या का प्रयास किया, जिससे किसानों में आक्रोश और बढ़ गया है। वहीं, छत्रपति संभाजीनगर जिले की वैजापुर एपीएमसी में भी किसानों ने कम कीमतों के विरोध में धरना प्रदर्शन किया और प्याज की नीलामी रोक दी। संगठन का कहना है कि यह असंतोष अब कई मंडियों में फैलता जा रहा है।

किसानों को 4-5 हजार करोड़ का नुकसान

भारत दिघोले ने कहा कि उत्पादन लागत बढ़ने और कीमत गिरने के कारण किसानों को चार से पांच हजार करोड़ रुपये तक का नुकसान हुआ है। बीज, खाद, कीटनाशक, मजदूरी, सिंचाई, बिजली और परिवहन जैसे खर्च लगातार बढ़े हैं, जबकि बाजार भाव गिर गया है। इससे किसान कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं और उनके लिए रोजमर्रा के खर्च पूरे करना भी मुश्किल हो गया है।

संघ ने सरकार से यह भी मांग की है कि प्याज के निर्यात पर लगी पाबंदियां हटाई जाएं, एपीएमसी में दलाली और अनुचित कटौतियों पर रोक लगे, किसानों को सीधे उपभोक्ता बाजार तक पहुंच दी जाए और प्याज के लिए गारंटीकृत न्यूनतम मूल्य घोषित किया जाए। संगठन ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो पूरे राज्य में किसानों का बड़ा आंदोलन शुरू हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।