Khet Bachao Abhiyan :सूखा, महंगा डीजल और बढ़ती लागत... किसानों को बचाने के लिए सरकार का ये मास्टर प्लान

    01-Jun-2026
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Khet Bachao Abhiyan
: कमजोर मॉनसून और अल नीनो की आशंका के बीच केंद्र सरकार किसानों को मौसम संबंधी चुनौतियों से बचाने के लिए बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान का नाम 'खेत बचाओ अभियान' है। आज से देश भर में एक महीने चलने वाले इस अभियान के तहत किसानों को पानी और उर्वरकों के संतुलित उपयोग, फसल विविधीकरण, सूखा प्रबंधन और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

सरकार का उद्देश्य खेती को अधिक टिकाऊ, कम लागत वाली और मौसम के जोखिमों के प्रति मजबूत बनाना है। इसके साथ ही किसानों को बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुसार आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।

इस अभियान का उद्देश्य किसानों को हरी खाद (ग्रीन मैन्योर), जैविक खाद और बायो-उत्पादों के अधिक इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करना भी है। साथ ही, पानी की बचत और बेहतर उपयोग के लिए किसानों को सटीक सिंचाई (प्रिसिजन इरिगेशन) तकनीक अपनाने के लिए जागरूक किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे खेती की लागत कम होगी और फसलों की उत्पादकता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

इस गांव से शुरू होगा अभियान

इस विशेष अभियान की शुरुआत मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के रामसिया गांव से होगी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बढ़ते तापमान, रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के असंतुलित उपयोग, मिट्टी की बिगड़ती सेहत और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए किसानों में जागरूकता बढ़ाना और व्यावहारिक समाधान देना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान किसानों को खेती से जुड़े जरूरी सुझाव दिए जाएंगे। इसमें क्या करें और क्या न करें, कौन-सी फसलें चुनें, फसल विविधीकरण कैसे करें और पानी की कमी या जोखिम वाली परिस्थितियों में खेती कैसे करें, जैसी जानकारी दी जाएगी।

किसानों को मिलेंगे खेत स्तर पर समाधान
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ‘खेत बचाओ अभियान’ का मकसद सिर्फ किसानों तक संदेश पहुंचाना नहीं है, बल्कि उनकी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार खेत स्तर पर सही सलाह देना है। इसके तहत किसानों को उनकी फसल, मौसम और उपलब्ध संसाधनों के हिसाब से व्यावहारिक सुझाव दिए जाएंगे।

कमजोर मॉनसून और अल नीनो के बढ़ते खतरे को देखते हुए कृषि मंत्रालय पहले ही राज्यों को आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दे चुका है। राज्यों से सूखा सहन करने वाली फसल किस्मों को बढ़ावा देने, मौसम आधारित कृषि सलाह सेवाएं मजबूत करने, पानी के बेहतर प्रबंधन पर ध्यान देने और स्थानीय जरूरतों के अनुसार खेती की रणनीति अपनाने को कहा गया है।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों से संभावित खराब मौसम की स्थिति के लिए तैयार रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ‘खेत बचाओ अभियान’ के दौरान वे देश के विभिन्न राज्यों के गांवों का दौरा करेंगे और किसानों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझेंगे। अभियान को सफल बनाने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्रीयों, कृषि वैज्ञानिकों और अन्य संबंधित पक्षों से भी सहयोग मांगा है।

शिवराज सिंह चौहान ने कही ये बात

केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि वे अभियान को केवल जागरूकता कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे बहुआयामी रूप दिया जाएगा। इसके तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों तक किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मिनी सीड किट, दलहन-तिलहन मिशन और कृषि यंत्रीकरण जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचे। उनका कहना है कि इससे किसानों को आर्थिक और तकनीकी सहायता मिलेगी तथा खेती से जुड़े जोखिमों को कम करने में मदद मिलेगी।