
नई दिल्ली।आज के बदलते समय में मध्य प्रदेश के किसान परंपरागत खेती को छोड़कर आधुनिक तरीके से फूलों की खेती कर रहे है। मध्य प्रदेश अब फूलों की खेती में काफी आगे निकल चुका है। फूल उत्पादन में मध्य प्रदेश का तीसरा स्थान है। यह उपलब्धि न केवल राज्य के किसानों की मेहनत का परिणाम है, बल्कि आधुनिक तकनीक से फूलों की के बदौलत मध्य प्रदेश महत्वपूर्ण स्थान हाशिल किया है।
परंपरागत खेती से फ्लोरीकल्चर की ओर
आज के बदलते समय में किसान फ्लोरीकल्चर की ओर तेजी से बढ़ रहे है। मध्य प्रदेश के कई जिलों में किसान आधुनिक तरीके से फूलों की खेती कर रहे है।अब किसान यह समझ चुके हैं कि इसी वजह से किसान पॉलीहाउस, शेडनेट, ड्रिप इरिगेशन और उन्नत किस्मों जैसी हाईटेक तकनीकों को तेजी से अपना रहे हैं।
सरकार की योजना से मिलती है सहायता
मध्य प्रदेश सरकार फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार किसानों को प्रोत्साहित कर रही है। वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया गया है, जिसके अंतर्गत पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एकीकृत बागवानी विकास मिशन,फूलों की खेती पर 40% से 50% तक सब्सिडी, गेंदा, गुलाब एवं अन्य व्यावसायिक फूलों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।