
पलामू।आज के बदलते समय में किसान नए तरीके से कृषि-बागवानी कर रहे है। फूलों की खेती लाखों किसानों और बागवानों के लिए मुनाफे की सौदा बन रही है। जिसने कई किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत की है। झारखंड–बिहार बॉर्डर क्षेत्र में रहने वाले किसान संतोष कुमार इसकी मिसाल हैं।जिन्होंने सब्जी की खेती छोड़ फूलों की खेती अपनाकर सालाना लाखों की कमाई शुरू कर दी है।
लीज पर ज़मीन लेकर शुरू की फूलों की खेती
बता दें कि झारखंड के अम्बा निवासी संतोष कुमार फिलहाल 6 एकड़ जमीन लीज पर लेकर फूलों की खेती कर रहे हैं।उनके खेतों में उगाए गए फूलों की मांग झारखंड और बिहार के कई जिलों तक है। डाल्टनगंज, हरिहरगंज, छतरपुर के साथ-साथ बिहार के सासाराम, औरंगाबाद और डेहरी जैसे शहरों में उनके फूल नियमित रूप से भेजे जाते हैं।
छह एकड़ में करते है फूलों की खेती
संतोष कुमार ने पहली बार सिर्फ एक कट्ठा ज़मीन में फूलों की खेती शुरू की थी। परिणाम उम्मीद से बेहतर रहे और उन्हें लागत का लगभग दोगुना मुनाफा हुआ। इसके बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने धीरे-धीरे खेती का रकबा बढ़ाना शुरू कर दिया। आज वे 6 एकड़ में फूलों की खेती कर रहे हैं और इसे अपना मुख्य व्यवसाय बना चुके हैं।