
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने नया सीड्स बिल विधेयक की तैयैरी पुरी कर ली है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि इस विधेयक की तैयारी पूरी कर ली गई। दरअसल, सीड्स बिल को 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलने वाले बजट सत्र में लोकसभा में पेश किया जा सकता है। नवंबर 2025 में सार्वजनिक सुझावों के लिए जारी किए गए ड्राफ्ट में किसी बड़े बदलाव की संभावना कम बताई जा रही है। वही इसको लेकर कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि इस बिल को लेकर 600 से ज्यादा आपत्तियां आईं थीं, जिसे एड्रेस किया जा चुका है।
सीड्स एक्ट 1966 की जगह लेगा ये बिल
यह विधेयक सीड्स एक्ट, 1966 की जगह लेगा, जो 1968-69 में लागू हुआ था और आखिरी बार 1972 में संशोधित किया गया था। इसके बाद केवल सीड कंट्रोल ऑर्डर के जरिए आंशिक बदलाव किए जाते रहे। कृषि मंत्री द्वारा घोषित किए गए बीज विधेयक को पिछले संसदीय सत्र में पेश किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
नया बिल का मकसद?
सरकार के मुताबिक, ये बिल बाजार में बिकने वाले बीजों और रोपण सामग्री की क्वालिटी को नियंत्रित करेगा।
किसानों को सस्ते दामों पर बेहतर क्वालिटी वाले बीज उपलब्ध कराने में मदद करेगा।
नकली और घटिया बीजों की बिक्री पर रोक लगाएगा।
किसानों को नुकसान से बचाने के लिए जवाबदेही तय करेगा।
बीज आयात को आसान बनाकर नवाचार और वैश्विक किस्मों तक पहुंच बढ़ेगी।
अपराध की श्रेणियां
बिल में नकली या घटिया बीज बेचने को अपराध माना गया है।
मामूली उल्लंघन पर न्यूनतम 50,000 रुपये तक का जुर्माना है।
गंभीर और बार-बार अपराध पर अधिकतम 30 लाख रुपये तक का दंड होगा।