जानें क्यों खास है नागपुर की संतरे की बागवानी

18 Jan 2026 16:03:47


नागपुर।आज आपको बताने वाले है संतरे की बागवानी के बारे में आपने में तो नागपुर की संतरे की कहानी तो सुनी ही होगी। नागपुर की संतरे की मांग देशभर में आज भी है। यहां की संतरे की मांग देश की अलग-अलग राज्यों में भी है। विश्व प्रसिद्ध नागपुर के संतरे को जीआई टैग भी मिला हुआ है।इसे साल 2014 में जीआई टैग दिया गया। इसके बाद से नागपुर के संतरे की मांग और बढ़ गई। ऐसे में इसकी खेती करने वाले किसानों की कमाई में भी इजाफा हुआ है।

नागपुर के संतरे की जीआई टैक मिला है

नागपुर के संतरा नागपुर के आसपास के विदर्भ जिले में उगाया जाता है। अप्रैल 2014 में इसे भौगोलिक संकेतक GI टैग प्रदान किया गया था।ऑरेंज सिटी के नाम से पहचाने जाने वाले नागपुर का संतरा अपने खास स्वाद, सुगंध और बेहतर गुणवत्ता के लिए देश-विदेश में मशहूर है, जो यहां की अनुकूल जलवायु और मिट्टी  का परिणाम है। नागपुर संतरे की पहचान उसका खास खट्टा-मीठा स्वाद और बेमिसाल खुशबू है।

वैश्विक स्तर पर पहचान मिली

सदियों से नागपुर और उसके आसपास के इलाकों में संतरे की खेती होती आ रही है, जिससे यहां के किसानों को इस क्षेत्र में विशेषज्ञता मिल चुकी है। वे खेती में मुख्य रूप से पारंपरिक तरीके अपनाते हैं। नागपुर के संतरे पहले से ही मशहूर थे

1.27 लाख हेक्टेयर में संतरे की खेती

महाराष्ट्र संतरा उत्पादन में देश में खास स्थान रखता है। राज्य में 1.27 लाख हेक्टेयर में संतरे की खेती होती है और नागपुर का संतरा सबसे फेमस है।इसलिए इसे नागपुर संतरा कहा जाता है। नागपुर को ऑरेंज सिटीके नाम से भी जाना जाता है।

 

 


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