
नई दिल्ली।अगर आप गांव में रहते हैं या आपके पास थोड़ी सी भी जमीन खाली पड़ी है, तो यह खबर आपके लिए किसी सुनहरे मौके से कम नहीं है।जी हां आज हम बात कर रहे हैं लाल चंदन की जी हां ये एक ऐसा पेड़ जो न तो आम की तरह हर साल फल देता है, न नीम की तरह दवा बनता है, लेकिन जब तैयार होता है तो किसान को सोने से भी ज्यादा रिटर्न देता है।
लाल चंदन की मांग सबसे ज्यादा
लाल चंदन कोई आम लकड़ी नहीं है।असल में यह एक सेहत के लिए बेहद फायदेमंदऔर बिजनेस वाला पेड़ है, जिसकी लकड़ी का यूज आयुर्वेदिक दवाओं, परफ्यूम, हैंडीक्राफ्ट और विदेशों में हाई-क्लास फर्नीचर बनाने में होता है। लाल चंदन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका रंग,खुशबू और मजबूती इसे लकड़ी के बाजार में बेहद कीमती बनाते हैं।वैसे भारत में इसकी खेती आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश जैसे इलाकों में की जाती है।
कितनी है लकड़ी की कीमत
आपको बता दें कि लाल चंदन की लकड़ी की कीमत करीब ₹3,000 से ₹10,000 प्रति किलो तक पहुंच जाती है। इसकी मांग भारत ही नहीं, बल्कि चीन, जापान और यूरोप के देशों में भी लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि इसे एक बार लगाओ और 15 साल बाद जिंदगी भर का आराम पाओ।