
नई दिल्ली।हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में चार माह से सूखे पड़ने के बाद बारिश होने से किसानों और बागवानों को चेहरे खिल उठे है। आपको बता दें कि काफी दिनों से बारिश नहीं होने के कारण बागवान परेशान नजर आ रहे थे। बारिश और बर्फबारी से बागवानों को संजीवनी मिल गई है। सूखे के कारण खराब हो रही सेब की फसल को अब नई संजीवनी मिल गई है। सेब के बगीचों में चिलिंग आवर्स पूरे होने की संभावना बढ़ गई है, जो आने वाले सीजन के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं। बारिश होने से बागवान नए पौधों का रोपण भी शुरू कर सकेंगे। कुल मिलाकर जिले में हुई इस बारिश ने किसानों और बागवानों दोनों के लिए नई उम्मीदें जगा दी हैं।
बारिश और बर्फबारी सेब की फसल के लिए फायदेमंद
बारिश और बर्फबारी सेब की फसल के लिए बहुत फायदेमंद होती है, क्योंकि बर्फ धीरे-धीरे पिघलकर मिट्टी को गहराई तक नमी देती है, जो पेड़ों के विकास के लिए ज़रूरी है और समय से पहले फूल आने को रोकती है, जबकि बारिश मिट्टी की नमी बढ़ाती है, पोषक तत्वों को बेहतर बनाती है और कीटों को नियंत्रित करने में मदद करती है, जिससे फल का रंग और मिठास बढ़ती है।हालांकि, अत्यधिक बारिश या बर्फबारी से फूल आने के दौरान परागण और फलों को नुकसान हो सकता है, इसलिए सही मात्रा और समय महत्वपूर्ण है।