
नई दिल्ली।ठंड के मौसम में स्ट्रॉबेरी हर शहर में में बाजारों में मिलती है। देशभर में स्ट्रॉबेरी की मांग रहती है। लेकिन अब इसकी दाम आसमान छू रहे है। मौसम की मार और उत्पादन में गिरावट ने किसानों से लेकर उपभोक्ताओं तक सभी को प्रभावित किया है। महाराष्ट्र के कई गांवों में स्ट्रॉबेरी की खेती जमकर होती है और यहां पर इसकी कीमतें इस समय आसमान छू रही है। जहां ग्राहकों को मंहगी स्ट्रॉबेरी से परेशानी हो रही है तो वहीं बागवानों को फायदा होने की उम्मीदें हैं।
मार्च तक रहेगा स्ट्रॉबेरी का सीजन
मार्च तक बाजार में स्ट्रॉबेरी की जबरदस्त मांग बनी रहती है। लेकिन मांग के मुकाबले सप्लाई कम होने की वजह से इसके दाम लागातार बढ़ रहे है। ग्रेड के हिसाब से रिटेल बाजार में एक किलो स्ट्रॉबेरी की कीमत 250 रुपये से लेकर 700 रुपये तक पहुंच गई है। महाराष्ट्र के महाबलेश्वर, वाई और पंचगनी इलाके स्ट्रॉबेरी उत्पादन के प्रमुख केंद्र माने जाते हैं।इसके अलावा नासिक जिले के कुछ हिस्सों में भी स्ट्रॉबेरी की खेती की जाती है। स्ट्राबेरी की सीजन अक्टूबर से शुरू होकर मार्च तक चलता है।
बागवानों को मिलेगा फायदा
स्ट्रॉबेरी के दाम बढ़ने से बागवानों को सीधा फायदा होता है, क्योंकि इससे उनकी आय बढ़ती है, मुनाफा ज्यादा होता है, और उन्हें अच्छे बाजार भाव मिलते हैं, खासकर जब वे कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाले फल जैसे स्ट्रॉबेरी उगाते हैं, जिससे पारंपरिक फसलों की तुलना में लागत कम और लाभ अधिक होता है और बागवानी को बढ़ावा मिलता है।