
नई दिल्ली।पूरे उत्तर भारत में इस समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पूरे दिन सर्द हवाएं चलती है। इस मौसम में गार्डनिग करना सबसे आसान माना जाता है। इस समय पर बगीचे में कई ऐसे फूल के पौधे लगा सकते हैं। जो दिसंबर और जनवरी के महीने तक खिलने लग जाएंगे। सर्दियों के दिनों के लिए वैसे तो कई प्रकार के फूलों को आप लगा सकते है। लेकिन आपको कुछ फूलों के बारे में बताने वाले है जिसे लगाने के बाद आपका गार्डन हरा-भरा रहेगा। आज आपको पांच फूलों के पौधे के नाम बताने वाले है जिसे आसानी से अपने गार्डन में लगा सकते है।
पेटूनिया
पेटूनिया अपने रंग-बिरंगे फूलों से गार्डन की सोभा बढ़ाता है। अगर आप भी अपने गार्डन में पेटूनिया के पौधे लगाते है तो आपके गार्डन में हमेशा हरा-भरा फूल तैयार रहेगा। आप किसी अच्छी नर्सरी से छोटे-छोटे पौधे खरीद लें। इस पौधे को ज्यादा देखभाल की ज़रूरत नहीं होती। 50 प्रतिशत सामान्य मिट्टी, 40 प्रतिशत गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट के साथ 10 प्रतिशत रेत के साथ थोड़ी सी नीम या सरसों की खली मिलाकर पॉटिंग मिक्स कर सकते हैं।
कैलेंडुलाफूल
कैलेंडुला फूल के पौधे को आप बीज से तैयार कर सकते है। कैलेंडुला को पॉट मैरीगोल्ड भी कहा जाता है। इसमें सुंदर, पीली और नांरगी कलर के फूल खिलते हैं। शुरुआती ठंड से वसंत में आखिरी ठंड तक कैलेंडुला के फूल खिलते हैं। पौधा लगाकर गमले को सीधी धूप में ही रखना चाहिए।
सिनेरेरिया फ्लावर
सिनेरेरिया फ्लावर का पौधा सर्दियों के लिए बेहतर होता है। यह अपने चमकीले फूल, नीले गुलाबी, बरगंडी, सफेद, बैंगनी और लाल रंगों में खिलता है। ठंडे तापमान में वृद्धि कर सकता है, जिसके छाया की जरूरत होती है। पौधे को पाला से बचाने के लिए पर्याप्त सिंचाई करते रहें। सिनेरेरिया जलभराव को सहन नहीं कर पाता है इसलिए जरूरत से ज्यादा पानी ना डालें।
गेंदा फूल
गेंदा ठंड के मौसम में उगाए जाने वाले पौधों में सबसे फेमस फूल है। देसी गेंदे के फूल छोटे साइज के होते हैं, अगर नर्सरी से हाइब्रिड पौधा लाते हैं, तो उसके फूल का साइज बड़ा होगा। गेंदे के पौधों को लगाने के दो तरीके हैं। आप इसे बीज या नर्सरी से पौधा खरीदकर लाकर लाग सकते हैं।
सूरजमुखी
सर्दी के मौसम में सूरजमुखी का पौधा सबसे ज्यादा लगाया जाता है। अगर आप भी अपने गार्डन की शोभा बढ़ाना चाहते है तो आप अपने गार्डन में सूरजमुखी के पौधा लगा सकते है। इसके बीज को अंकुरित होने में 7 से 10 दिन का समय लगता है।