रुई जैसा दिखने वाला यह कीट, सेब की बागवानी के लिए है बड़ा खतरा

20 Jan 2026 14:08:01


पहाड़ों और ठंडे इलाकों में सेब की खेती किसानों की आजीविका का मजबूत सहारा है. एक सेब का पेड़ सालों की मेहनत से तैयार होता है, लेकिन कई बार एक छोटा-सा कीट पूरी बगिया को नुकसान पहुंचा देता है।ऐसा ही एक खतरनाक कीट है वूली एफिड, जिसे किसान अक्सर रुई वाला कीड़ाभी कहते हैं। यह कीट देखने में भले ही छोटा और हल्का लगे, लेकिन अगर समय रहते इसे नहीं रोका गया तो यह सेब के पेड़ों को अंदर से खोखला कर सकता है।

वूली एफिड की पहचान और नुकसान

वूली एफिड की सबसे बड़ी पहचान उसके शरीर पर जमी सफेद रुई जैसी परत होती है। यह परत उसे ठंड, दवाइयों और बाहरी असर से बचाने का काम करती है। यह कीट सेब के पेड़ों की कोमल टहनियों, तनों और कई बार जड़ों तक पहुंचकर रस चूसता है।

प्राकृतिक तरीकों से नियंत्रण क्यों है जरूरी

आज के समय में किसान रसायनों पर निर्भर हो गए हैं, लेकिन वूली एफिड के मामले में प्राकृतिक उपाय काफी कारगर साबित हो सकते हैं। बागों में कुछ ऐसे लाभकारी कीट होते हैं जो वूली एफिड को खाते हैं और उसकी संख्या अपने आप कम कर देते हैं। अगर बाग का वातावरण संतुलित रखा जाए तो ये कीट खुद-ब-खुद पनपते हैं और रासायनिक दवाओं की जरूरत कम पड़ती है।

संक्रमित शाखाओं की समय पर छंटाई

अगर किसी पेड़ की कुछ शाखाएं वूली एफिड से ज्यादा प्रभावित दिखें, तो उन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। ऐसी शाखाओं को समय रहते काटकर हटा देना बेहद जरूरी होता है। छंटाई करते समय साफ औजारों का इस्तेमाल करना चाहिए और काटी गई शाखाओं को बाग में नहीं छोड़ना चाहिए।

 

 

 


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