शिमला के शिलारू में तैयार हो रहा जिले का पहला ब्लूबेरी की बागवानी

26 Jan 2026 11:37:59

शिमला।हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के उद्यान विभाग की ओर से शिमला के शिलारू क्षेत्र में जिले का पहला ब्लूबेरी बगीचा तैयार किया जा रहा है। इससे बागवानों के लिए आय का नया द्वार खुलेगा। ब्लूबेरी एक ऐसी फसल है जिसकी देश-विदेश दोनों में अच्छी मांग है और इससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। परियोजना के पहले चरण में शिलारू स्थित बागवानी परिसर में पॉलीहाउस तकनीक के तहत लगभग दो हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में 1,900 ब्लूबेरी के पौधे लगाए गए हैं।

ब्लूबेरी की खेती के लिए नियंत्रित तापमान जरुरी

बागवानी विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लूबेरी की खेती के लिए नियंत्रित तापमान, नमी और मिट्टी का पीएच स्तर बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसी कारण प्रारंभिक चरण में पॉलीहाउस में इसका ट्रायल किया जा रहा है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले समय में इसे खुले खेतों और अन्य उपयुक्त क्षेत्रों में भी विस्तारित करने की योजना है। यह फल बाजार में 1000 से 3000 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से बिकता है।

बागवानों को बांटे जाएंगे पौधे

शिलारू में पॉलीहाउस में ब्लूबेरी का बगीचा तैयार किया जा रहा है। इसमें नर्सरी तैयार होने के बाद बागवानों को भी पौधे बांटे जाएंगे और उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। जलवायु परिवर्तन के कारण पारंपरिक फसलों की उत्पादकता पर असर पड़ रहा है। ऐसे में बागवानों के लिए जरूरी हो गया है कि वे समय के साथ नई और लाभकारी फसलों को अपनाएं।
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