उज्जैन।मध्य प्रदेश का उज्जैन शहर महाकाल की नगरी की तौर पर जानी जाती है। मध्य प्रदेश सरकार सिंहस्थ 2028 के पहले उज्जैन के आसपास की 100 एकड़ भूमि पर फूलों की खेती का क्लस्टर तैयार करने जा रहा है। यहां गुलाब, गेंदा, जरबेरा जैसे फूलों की कई वैरायटी की खेती कराई जाएगी। इसके लिए उद्यानिकी विभाग द्वारा स्थानीय स्तर पर किसानों को भी तैयार किया जा रहा है। बता दें कि सिंहस्थ शिप्रा नदी के किनारे लगने वाला महाकुंभ है। वैसे देखा जाए तो उज्जौन में फूलों की मांग ज्यादा रहती है।
महाकाल की नगरी में है फूलों की भारी डिमांड
महाकाल की नगरी उज्जैन में रोज कई हजार पर्यटक दर्शन के लिए आते है। जो फूलों को खरीदकर भगवान महाकाल को चढ़ाते है। यहां फूलों की खपत भी लगातार बढ़ रही है। उज्जैन में आम दिनों में हर रोज करीब 500 किलो फूलों की खपत हो रही है, जबकि किसी खास त्योहार पर यह डिमांड कई गुना बढ़ जाती है।
मंत्री ने की घोषणा
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा के ने बताया कि "प्रदेश में धार्मिक स्थलों में फूलों की डिमांड बढ़ी है। वहीं, इसकी खेती से किसान फायदा कमा सकें, इसके लिए उज्जैन में 100 एकड़ क्षेत्र में फूलों की खेती का क्लस्टर विकसित किया जाएगा। राज्य शासन उज्जैन के अलावा ओंमकारेश्वर, ओरछा सहित दूसरे धार्मिक स्थलों के पास भी फूलों का क्लस्टर विकसित करने की तैयारी कर रहा है।