
नई दिल्ली।आम जिसे फलों का राजा कहा जाता है। आम की बागवानी पूरे उत्तर भारत में बड़े पैमाने पर होती है। परंतु आम की बागवानी करने वाले किसानों के सामने इसमें मंजर कम आने की समस्या चिंता का विषय बनी रहती है। आम के पौधे में मंजर कम आने से फलन यानी कि पैदावार में भी कमी आ जाती है। जिसको लेकर बागवान चिंतित रहते हैं परंतु अब किसानों को आम के पौधे में मंजर कम आने या पैदावार में कमी को लेकर चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। क्योंकि हम उन्हें कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे हैं। जिससे आम की बागवानी करने वाले किसानों को मंजर कम आने या पैदावार की कमी से नहीं जूझना पड़ेगा।
जाने विशेषज्ञों की राय
कृषि के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले रायबरेली जिले राजकीय कृषि केंद्र शिवगढ़ के प्रभारी अधिकारी शिव शंकर वर्मा बताते हैं कि आम के पौधों में मंजर कम आने का कारण डाई बैक रोग के कारण होता है। इसीलिए किसानों को इस रोग से बचाव के लिए जनवरी के महीने में कुछ खास उपाय करना चाहिए। जिससे आम की बागवानी करने वाले किसानों को फायदा होगा।
करें यह उपाय
डाई बैक रोग के लक्षण आम के पौधे पर दिखाई दे, तो तुरंत प्रभावित शाखाओं
के सूखे हिस्से से 5 से 10 सेंटीमीटर तक हरे हिस्से तक काट कर हटा दें। वहीं कटाई
के तुरंत बाद कॉपर ऑक्सिक्लोराइड का
छिड़काव करें।10 से 15 दिन के अंतराल पर यह प्रक्रिया पुनः अपनाएं। जिससे डाई बैक
रोग की रोकथाम समय से हो जाने पर पौधों पर मंजर अधिक देखने को मिलेंगे।