
झांसी।उत्तर प्रदेश के रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय झांसी में आज 28 से 30 जनवरी तक बागवानी शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। तीन सौ से ज्यादा कृषि वैज्ञानिकों के आने की उम्मीद है। प्रेस वर्ता को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ. एके सिंह व डॉ. बलराज सिंह अध्यक्ष, सोसाइटी फॉर हॉर्टिकल्चर रिसर्च एंड डेवलपमेंट ने बताया कि बुंदेलखंड में जीरा व शकरकंद उत्पादन की बेहतर संभावनाएं हैं। इस फसल में कम पानी का उपयोग होता है व अच्छा भाव मिलता है।
बागवानी विशेषज्ञ लेंगे भाग
इस दौरान सम्मेलन में डॉ. पंजाब सिंह कुलाधिपति, रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विवि, डॉ. एसके सिंह उप महानिदेशक बागवानी, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, डॉ. टी जानकी राम पूर्व कुलपति, डॉ. वाईएसआर बागवानी विवि आदि प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भाग लेंगे।
अनेक प्रतिभागी लेंगे भाग
इस तीन दिवसीय सम्मेलन का विषय सतत विकास, स्वास्थ्य एवं आर्थिक सुदृढ़ता हेतु स्वदेशी एवं अल्प उपयोगिता बागवानी फसलों का उपयोग रखा गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ ए.के. सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम में देश और विदेश से लगभग 300 प्रतिभागी हिस्सा लेंगे, जिनमें किसान, वैज्ञानिक, शोधार्थी और नीति निर्माता शामिल होंगे।