
नई दिल्ली।स्ट्रॉबेरी केवल ठंडे इलाकों में उगती है। लेकिन, अगर इसे सही तरीके से घर के किचन गार्डन, बालकनी में भी आसानी से उगाया जा सकता है। सर्दियों का मौसम इसके लिए सबसे अनुकूल होता है। सही गमला, अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी, पर्याप्त धूप और सीमित पानी से कम मेहनत में अच्छी पैदावार मिलती है, खास बात ये है कि जनवरी के महीने में पड़ने वाली ठंड में ही स्ट्रॉबेरी का पौधा अच्छी तरह बढ़ता है।
मिट्टी में कैसे उगाएं स्ट्रॉबेरी
स्ट्रॉबेरी के लिए अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी सबसे जरूरी मानी जाती है. इसके लिए सामान्य मिट्टी में सड़ी हुई गोबर की खाद, वर्मी कंपोस्ट और थोड़ी रेत मिलाएं। इससे मिट्टी हल्की और भुरभुरी रहती है।स्ट्रॉबेरी के लिए मिट्टी का पीएच स्तर 5.5 से 6.5 के बीच होना चाहिए, जो हल्का अम्लीय माना जाता है. वहीं, हर 15 दिन में जैविक खाद डालने से पौधा मजबूत होता है और फूल आने की संभावना बढ़ती है।
गमले में ऐसे लगाएं स्ट्रॉबेरी
स्ट्रॉबेरी का पौधा लगाने के लिए जनवरी का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। इसे बीज की बजाय पौधे से लगाना ज्यादा आसान और सफल रहता है। इसके लिए नर्सरी से स्वस्थ पौधा लेना चाहिए। साथ ही गमले या ग्रो बैग का चयन करते समय ध्यान रखें कि वह कम से कम 10 से 12 इंच गहरा हो।
सही मात्रा में डालें पानी
स्ट्रॉबेरी के पौधे को रोजाना करीब 5 से 6 घंटे की धूप की जरूरत होती है। इसके लिए गमले को ऐसी जगह रखें, जहां सुबह की हल्की धूप आसानी से मिले। सर्दियों के मौसम में जरूरत से ज्यादा पानी देना पौधे के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए मिट्टी सूखने पर ही पानी दें। पानी हमेशा जड़ों में धीरे-धीरे डालें और पत्तियों को गीला न करें।
पाले से ऐसे बचाएं
सर्दी के मौसम में स्ट्रॉबेरी के पौधे को पाले से बचाना बेहद जरूरी होता है। अधिक ठंड पड़ने पर गमले को रात के समय ढक दें या किसी सुरक्षित जगह पर रख दें। इसके अलावा पौधे की सूखी पत्तियां और खराब हिस्से समय-समय पर हटाते रहें, ताकि उसकी ऊर्जा फलों के विकास में लगे। साथ ही मिट्टी पर मल्चिंग करने से नमी बनी रहती है और जड़ों को ठंड से सुरक्षा मिलती है।