EU व्यापार समझौते से सेब किसानों में बढ़ी नाराजगी

30 Jan 2026 18:10:14

नई दिल्ली।यूरोपीय संघ  से आने वाले सेब पर आयात शुल्क घटाए जाने से हिमाचल प्रदेश के सेब उत्पादक किसानों में नाराजगी बढ़ गई है। संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान ने कहा है कि केंद्र सरकार ने दूसरे क्षेत्रों को फायदा पहुंचाने के लिए सेब उत्पादकों को बलि का बकराबना दिया है। उन्होंने इसे स्थानीय सेब अर्थव्यवस्था पर बड़ा झटका बताया।

नाशपाती और कीवी पर भी आयात शुल्क

नाशपाती और कीवी पर भी आयात शुल्क में कटौती की गई है। इससे पहले न्यूजीलैंड से आने वाले सेब पर शुल्क 50 से घटाकर 25 प्रतिशत किया जा चुका है। हो सकता है कि भविष्य में अमेरिका के साथ संभावित मुक्त व्यापार समझौते  में सेब पर आयात शुल्क में और बड़ी कटौती की मांग की जा सकती है, जिससे हालात और गंभीर हो जाएंगे।

सरकार के सहयोग की जरूरत

प्रगतिशील उत्पादक संघ के अध्यक्ष लोकिंदर बिष्ट ने इसे सेब अर्थव्यवस्था पर बड़ा झटका बताते हुए कहा कि अगर आयात शुल्क  में कटौती टालना संभव नहीं है, तो सरकार को कीटनाशकों, उपकरणों और पौध सामग्री पर सब्सिडी जरूर देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विदेशों में सेब की खेती अधिक यंत्रीकृत और सब्सिडी आधारित है।

 

 

 


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