चंडीगढ़।पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा ड्राफ्ट सीड्स बिल 2025 पर आपत्ति जताई है। पंजाब सरकार ने कहा है कि यह बिल छोटे और सीमांत किसानों के हितों को नजरअंदाज करता है और कृषि कंपनियों को फायदा पहुंचाता है। सरकार के अनुसार, अगर यह बिल लागू हुआ तो किसानों में असंतोष फैल सकता है, क्योंकि पंजाब के ज्यादातर किसान छोटी जोत वाले हैं। बिल से बीज कारोबार का नियंत्रण केंद्र के हाथ में चला जाएगा, जिससे राज्यों के मौजूदा नियामक अधिकार कमजोर होंगे।
फसल खराब होने पर मुआवजा की कोई प्रावधान नहीं
पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि बिल की गहन जांच और चर्चा के बाद इसे खारिज किया गया है। उनका कहना है कि इसमें फसल खराब होने पर किसानों को मुआवजा देने का कोई प्रावधान नहीं है, जबकि विदेशों में किए गए बीज परीक्षणों को मान्यता देने की बात कही गई है।
स्टेट सीड कमेटी के पास सलाह देने का अधिकार होगा
पंजाब सरकार ने कहा है कि बिल में प्रस्तावित जोन-आधारित व्यवस्था से सेंट्रल सीड कमेटी में राज्य का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित नहीं होता, जबकि मौजूदा व्यवस्था में यह अधिकार मिलता है। इससे बीज क्षेत्र से जुड़े अहम फैसलों में राज्य की भूमिका सीमित हो जाएगी। कृषि विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, प्रस्तावित बिल में केंद्र स्तर पर केवल एक रजिस्ट्रेशन सब-कमेटी रखी गई है।