
नई दिल्ली।उत्तराखंड के नैनीलाल ओखलकांडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बरमधार और महतेली ग्राम में कल बुधवार को कृषि प्रशिक्षण आयोजित की गई। इस अवसर पर बागवानी विषय के सेनियर वैज्ञानिक डॉ अरुण किशोर ने किसानो-बागवानों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के बदलते समय में बागवानों को वैज्ञानिक तकनीक से बागवानी करने की जरुरत है।
बागवानी कर आजीविका बढ़ा सकते है बागवान
वहीं इस अवसर पर बागवानी वैज्ञानिक चंद्र बौद्ध ने कहा कि किसानों को वैज्ञानिकों के सहयोग से बागवानी और कृषि क्षेत्र में आगे आकर आजीविका बढ़ानी चाहिए। किसानों को कृषि उपकरण सामग्री बांटी गई। इस दौरान ग्राम प्रधान मोहन चंद्र, विमला देवी, राजेंद्र प्रसाद, डॉ. रश्मि, डॉ. चांदनी, विनोद चंद्र आदि मौजूद रहे।
बागवानी बेहतर विकल्प
बागवानी निश्चित रूप से एक बेहतर विकल्प है, क्योंकि यह न केवल किसानों के लिए अधिक आय और कृषि विविधीकरण प्रदान करती है, बल्कि मानसिक शांति, शारीरिक व्यायाम और स्वस्थ भोजन तक पहुँच के माध्यम से व्यक्तियों के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार करती है, साथ ही यह रोजगार के अवसर भी पैदा करती है और पर्यावरणीय स्थिरता में मदद करती है। यह शौक और व्यवसाय दोनों के रूप में उपयोगी है।