भारतीय बाजार में अमेरिकी सेब की एंट्री होगी सीमित

    10-Feb-2026
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नई दिल्ली।भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। जिसका असर अब सेब के कारोबार पर साफ दिखाई दे रहा है। सरकार संकेत दे रही है कि अमेरिका से आने वाले सेब पर एक सीमा लागू की जाएगी। ताकी देश के किसानों को सहुलियत मिल सके। अब इस प्रस्ताव को लेकर सेब उत्पादक राज्यों से लेकर व्यापारियों तक चर्चा तेज हो गई है।

एक लाख टन तक सेब आयात करने की अनुमति दे सकता है अमेरिका

भारत अमेरिका से हर साल अधिकतम एक लाख टन तक सेब आयात करने की अनुमति दे सकता है। इस आयात पर करीब 25 प्रतिशत की रियायती सीमा शुल्क लगाने का विचार है। खास बात यह है कि यह शुल्क अन्य देशों से आने वाले सेब पर लगने वाले शुल्क से लगभग आधा होगा। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से कुल आयात मात्रा मौजूदा स्तर, यानी करीब 5.5 लाख टन के आसपास ही बनी रहेगी।

सेब उत्पादक राज्यों की बढ़ेती चिंता

हालांकि, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे प्रमुख सेब उत्पादक राज्यों में इस प्रस्ताव को लेकर चिंता जताई जा रही है। हिमाचल प्रदेश मार्केटिंग एंड प्रोसेसिंग कॉरपोरेशन के पूर्व अध्यक्ष और सेब किसान प्रकाश ठाकुर का कहना है कि अगर आयातित सेब की लैंडेड लागत करीब 100 रुपये प्रति किलो तय होती है और दिल्ली जैसे बड़े बाजारों में इसे 150 रुपये प्रति किलो में बेचा जाता है।