APEDA–IBEF की पहल से इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में ‘इंडियन काजू’ को बढ़ावा

    10-Feb-2026
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नई दिल्ली।एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फ़ूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी इंडिया ब्रांड इक्विटी फ़ाउंडेशन के साथ मिलकर, बड़े इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में ‘इंडियन काजू’ ब्रांड को बहुत तेजी से प्रमोट कर रही है, और वैल्यू-एडेड एक्सपोर्ट पर नए सिरे से फोकस कर रही है। इस पहल का मकसद रोस्टेड, सॉल्टेड, फ्लेवर्ड और दूसरे प्रोसेस्ड काजू प्रोडक्ट्स जैसे ज्यादा वैल्यू वाले सेगमेंट की ओर एक्सपोर्ट को शिफ्ट करना है, जिससे एक्सपोर्ट से होने वाली कमाई बेहतर हो और ग्लोबल मार्केट में भारत की प्रीमियम पोजीशन मजबूत हो।

भारत का काजू प्रोडक्शन बढ़ा

इस प्रोग्राम में एक्सपोर्टर्स, प्रोसेसिंग यूनिट मालिकों और काजू उगाने वालों समेत लगभग 75 पार्टिसिपेंट्स ने हिस्सा लिया।2023 में काजू प्रोडक्ट्स को APEDA शेड्यूल में शामिल करने के बाद, अथॉरिटी ने इस सेक्टर में इंडिया की ग्लोबल मौजूदगी को मजबूत करने की कोशिशें तेज कर दी हैं।

किस राज्य में होता है काजू का सबसे ज्यादा उत्पादन

भारत में सबसे ज्यादा काजू की खेती और उत्पादन महाराष्ट्र में होता है। कोंकण क्षेत्र की जलवायु काजू के लिए आदर्श होने के कारण महाराष्ट्र देश के कुल काजू उत्पादन का लगभग 24-25% हिस्सा उत्पादित करता है। अन्य प्रमुख उत्पादक राज्यों में आंध्र प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक और केरल शामिल हैं।