नई दिल्ली।केंद्र सरकार ने देश में बागवानी के विकास के लिए वर्ष 2004-05 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन की शुरुआत की थी। अब इस योजना की पुनर्गठन किया गया है। और वर्ष 2014-15 में इसे एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के अंतर्गत शामिल कर लिया गया। जिसमें बागवानी क्षेत्र के व्यापक दायरे को शामिल किया गया है। इसके तहत देश के सभी जिलों में विभिन्न हस्तक्षेपों के लागत मानदंडों को बढ़ाया गया है, उच्च मूल्य वाली, विदेशी और औषधीय फसलों को शामिल किया गया है और बागवानी क्षेत्र में प्रगोग की जा रही तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा।
बाजार हस्तक्षेप योजना होगी लागु
केंद्र सरकार कृषि और बागवानी उत्पादों की खरीद के लिए बाजार हस्तक्षेप योजना लागू कर रही है, ताकि किसान-बागवान को उन कृषि और बागवानी उत्पादों का लाभकारी मूल्य मिल सके जो जल्दी खराब होने वाले हैं और न्यूनतम समर्थन मूल्य व्यवस्था के अंतर्गत नहीं आते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा में दी जानकारी
इसकी जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने आज लोकसभा में के उत्तर की जानकारी देते हुए यह बात कही। कृषि एवं बागवानी परिषद मंडियों में बेची गई फसलों के लिए बाजार हस्तक्षेप मूल्य और विक्रय मूल्य के बीच के अंतर का सीधा भुगतान किसानों को मिलेगा।