कोरोना संकट में शुरु किया फूलों की खेती, बाद में बना लखपति

    12-Feb-2026
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रांची।झारखंड के कोडरमा में किसान फूलों की खेती कर रहे है। बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफे की तलाश में किसान नकदी और आधुनिक खेती की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। फूलों की खेती इसी बदलाव की एक मजबूत मिसाल बनकर सामने आई है। कोडरमा जिले के डोमचांच प्रखंड अंतर्गत फुलवरिया गांव के किसान पप्पू कुमार ने यह साबित कर दिखाया है कि यदि सोच सकारात्मक हो, मेहनत से पीछे न हटें और जोखिम उठाने का साहस हो, तो खेती भी समृद्धि का रास्ता बन सकती है।

सालाना 10 लाख रुपये की कमाई

पप्पू कुमार आज फूलों की खेती से सालाना 10 से 12 लाख रुपये तक की कमाई कर रहे हैं। उन्होंने परंपरागत खेती को छोड़कर गेंदा, चेरी और जाफरी जैसे फूलों की खेती अपनाई धीरे-धीरे यह प्रयोग सफल होता गया और पप्पू आज लखपति किसान बन चुके हैं।

बंद हुई नेटवर्किंग कंपनी

पप्पू कुमार की कहानी संघर्ष और बदलाव से भरी हुई है। वर्ष 2006 में उन्होंने एक नेटवर्किंग कंपनी में काम शुरू किया था। मेहनत के दम पर उन्होंने पूरे देश में लगभग पांच लाख लोगों की टीम खड़ी कर ली थी, जिससे उन्हें अच्छी आमदनी होने लगी थी। लेकिन साल 2019 के अंत और 2020 की शुरुआत में आए कोरोना संकट ने सब कुछ बदल दिया। नेटवर्किंग कंपनियां बंद हो गईं, रोजगार छिन गया और पप्पू भी बेरोजगारी की चपेट में आ गए।