सरायकेला-खरसावां।झारखंड केसरायकेला-खरसावां जिले के खूंटपानी स्थित उद्यान महाविद्यालय परिसर में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान झारखंड के प्रधान वैज्ञानिक व अकादमिक समन्वयक डॉ. विशाल नाथ ने विद्यार्थियों को भविष्य का मार्ग दिखाते हुए बागवानी क्षेत्र में करियर की असीम संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
फसल सघनता बढ़ाना झारखंड के लिए बड़ी चुनौती
डॉ. विशाल नाथ ने हरित क्रांति के जनक डॉ. एमएस स्वामीनाथन का स्मरण करते हुए कृषि क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि और बागवानी विकास की अधिक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि अध्ययन काल ही उनके भविष्य की मजबूत नींव रखने का समय है।
कटहल और अन्य फलों की बागवानी पर जोर
इस अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान झारखंड के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. विशाल नाथ ने कहा कि कटहल जैसे उत्पादों में उच्च निर्यात क्षमता है। बागवानी युवाओं के लिए उद्यमिता के नए द्वार खोल सकता है।
बेल में दूसरे व लीची उत्पादन में चौथे स्थान पर झारखंड
इस अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान झारखंड के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. विशाल नाथ ने कहा कि झारखंड देश में बेल उत्पादन में द्वितीय, लीची में चतुर्थ, कटहल में षष्ठ तथा मिर्च उत्पादन में अष्टम स्थान रखता है।